शामली : जल तो है सोना, इसे कभी मत खोना। इसी तरह के स्लोगन लिखे पोस्टर बनाकर विश्व भूगर्भ जल दिवस के मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े युवा स्वयंसेवकों ने जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अपने घर में छोटे भाई बहनों और गली मोहल्ले के छोटे बच्चों को जागरूक किया। उन्हें बताया कि पानी पीने के बाद टंकी बंद कर दें। बाजारों में चल रहे सरकारी नल और प्याऊ में चल रही टंकी को बंद कर पानी का दुरुपयोग रोका। लोगों को बताया कि जल का दोहन रोकें। कैराना की खुशी ने अपनी पेंटिंग में संदेश दिया कि कि जल है तो कल है। आज बचाएंगे तो कल पाएंगे। आज बताएंगे तो कल पछताएंगे का संदेश दिया। इसी तरह कांधला की नीलम ने अपने संदेश में बताया कि जल तो है सोना, इसे कभी ना खोना। थानाभवन की मुस्कान, जलालाबाद की सना, मंटी हसनपुर की नीतू के अलावा जलालाबाद की फाइका ने अपनी पेंटिंग से जल संरक्षण का संदेश दिया। कांधला की हेमा ठाकुर ने पेंटिंग से जल का महत्व बताया।

छोटे भाई-बहनों को बताया टंकी खुली ना छोड़ें

वकीलगढ़ की प्रियंका और खेड़ीकरमू की पिंकी ने अपने छोटे भाई बहन और पड़ोस में जाकर छोटे बच्चों को टंकी खुली ना छोडऩे की शपथ दिलाई। थानाभवन की प्रियंका ने अपने मोहल्ले के छोटे बच्चों को पानी बचाने के तरीके बताए। कहा कि पानी पीने के बाद टंकी को बंद कर दें, ताकि पानी व्यर्थ ना जाए।

खेत पर भी बचाया पानी

वीवीपीजी कालेज शामली के छात्र सुहेब ने शामली ने अपने आसपास मोहल्ले में लगी सरकारी टंकियों को बंद करके पानी बहने से बचाया और आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक किया। शहर के वीवीपीजी कालेज के छात्र माइकल ने अपने गांव दरहगाहपुर में खेत की टूटी डोल से बह रहे पानी को डोल ठीक करके रोका। उन्होंने आसपास के किसानों से भी कहा कि नलकूप से उतना ही पानी चलाएं जितना खेत को जरूरी हो।