लंदन : यूक्रेन पर रूस के हमले के खिलाफ सप्ताहांत पर ब्रिटेन के कई हिस्सों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकाली। लंदन में रूस के दूतावास पर लोगों ने अंडे फेंके और दीवारों पर हमला खत्म करने संबंधी नारे लिख दिए। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला करने का आदेश दिया था। लंदन में शनिवार को डाउनिंग स्ट्रीट, मैनचेस्टर और एडिनबरा में प्रदर्शन हुए। ये प्रदर्शन ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और यूरोपीय संघ (ईयू) समेत पश्चिमी सहयोगी देशों ने रूस पर और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान किया है तथा उसके बैंकों को एसडब्ल्यूआईएफटी बैंकिंग नेटवर्क से निकाल दिया है। इस कदम का मकसद रूस के तेल एवं गैस निर्यात को चोट पहुंचाना है। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि  हमने रूस को वैश्विक वित्तीय प्रणाली से बाहर निकालने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ आज रात निर्णायक कार्रवाई की है, जिसमें एसडब्ल्यूआईएफटी से रूसी बैंकों को बाहर निकालने का पहला अहम कदम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि  हम यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे कि पुतिन को अपनी आक्रामकता की कीमत चुकानी पड़े। इस बीच, ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रूस ने कहा कि सरकार हर उस ब्रिटिश नागरिक का समर्थन करेगी जो रूसियों के खिलाफ लड़ाई में यूक्रेन के लोगों के साथ शामिल होना चाहते हैं और उन्हें अपना फैसला खुद करना है। ट्रूस ने बीबीसी से कहा कि  बिल्कुल, अगर लोग संघर्ष में समर्थन देना चाहते हैं, तो मैं उनका ऐसा करने के लिए समर्थन करूंगी। उन्होंने कहा कि  यूक्रेन के लोग आजादी और लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। ब्रिटेन में यूक्रेन के राजदूत वादिम प्रिस्टाइको ने कहा कि बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक लड़ाई में यूक्रेन की ओर से लड़ने की अनुमति मांग रहे हैं।