नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नियुक्त प्रशासक ने अनिल अंबानी की कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल की बिक्री की तैयारी शुरू कर दी। इसके तहत रिलायंस कैपिटल की बिक्री के लिए रुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित किए गए हैं। ईओआई के जरिए पता चलेगा कि कौन-कौन सी कंपनियां इस पर दांव लगाने के लिए तैयार हैं। रिलायंस कैपिटल ने नियामक फाइलिंग में कहा कि रुचि पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 11 मार्च है। वहीं, रिलायंस कैपिटल के समाधान योजना को प्रस्तुत करने की आखिरी तारीख 20 अप्रैल है। गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी एनबीएफसी है जिसके खिलाफ केंद्रीय बैंक ने हाल ही में दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत दिवालियापन की प्रक्रिया शुरू की है। अन्य दो श्रेई ग्रुप एनबीएफसी और दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (डीएचएफएल) हैं। गौरतलब है कि आरबीआई ने 29 नवंबर को रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को भंग कर दिया था और अपनी तरफ से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व कार्यकारी निदेशक नागेश्वर राव को प्रशासक नियुक्त कर दिया था। इसके अगले ही दिन केंद्रीय बैक ने प्रशासक की मदद के लिए एक तीन सदस्यीय पैनल भी गठित कर दिया था। अनिल अंबानी की अगुआई वाली आरसीएल पर कर्ज भुगतान में चूक और कंपनी संचालन संबंधी कई गंभीर आरोप हैं। सितंबर 2021 में, रिलायंस कैपिटल ने अपनी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को सूचित किया था कि कंपनी का समेकित ऋण 40,000 करोड़ रुपए था।
अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की बिक्री की तैयारी शुरू
