कोरोना संक्रमण के बीच पांच राज्यों में चुनाव प्रचार तेजी से चल रहा है। चुनाव आयोग ने कोरोना के मद्देनजर कुछ प्रतिबंधों की घोषणा भी की है। संक्रमण की दर कम होने के साथ ही आयोग ने प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा भी की है। मालूम हो कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर तथा गोवा में विधानसभा चुनाव के तिथियों की घोषणा कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में, मणिपुर में दो चरणों में तथा बाकी के तीन राज्यों में एक चरण में चुनाव होने जा रहा है। आयोग ने पिछले 8 जनवरी को एक अधिसूचना जारी कर चुनाव प्रचार के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए थे। उसके तहत रोड शो तथा वाहन रैलियों पर प्रतिबंध लगाया गया था। अभी तक आयोग की बैठक में इस प्रतिबंध को चार बार बढ़ाया जा चुका है। 31 जनवरी को आयोग ने इस प्रतिबंध को 11 फरवरी तक बढ़ा दिया है। लेकिन संक्रमण में आई कमी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने तय जगहों पर खुली सभा के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एक हजार लोगों के इकट्ठा होने या कुल क्षमता का 50 प्रतिशत लोगों के इकट्ठा होने की छूट दी गई है। पहले यह संख्या केवल 500 तक ही सीमित थी। घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने के लिए अब 20 व्यक्ति एक साथ जा सकते हैं। पहले यह संख्या केवल 10 तक ही सीमित थी। बंद जगहों में सभा करने के लिए अब 300 की जगह 500 लोग शामिल हो सकते हैं। तय जगह का निर्धारण संबंधित जिलों के जिला अधिकारी करेंगे। लेकिन इन सभी छूटों के दौरान कोरोना के दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन करना होगा। पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना संक्रमितों की संख्या 2,09,918 पहुंची है, जो पहले के मुकाबले काफी कम है। पांच राज्यों में चल रहे चुनाव प्रचार के दौरान राजनेता अपने राजनीतिक हित के लिए कोरोना प्रोटोकॉल की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसा लगता है कि विधानसभा चुनाव प्रचार के सामने कोरोना नतमस्तक हो चुकी है। चुनाव प्रचार में शामिल राजनेताओं को इस बात का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि संक्रमण का फैलाव दूसरे क्षेत्रों में नहीं हो। चुनाव आयोग को भी इस बारे में निगरानी रखनी होगी। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि एक-दूसरे पर टीका-टिप्पणी करने के दौरान अभद्र एवं विवादित भाषा का प्रयोग नहीं हो। उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार के दौरान राजनेताओं द्वारा एक-दूसरे पर असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतंत्रके लिए शर्मनाक है।
चुनाव प्रचार में रियायत
