भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए तीन टेस्ट मैचों की शृंखला में दक्षिण अफ्रीका ने अपने अनुशासित एवं उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से भारत को 2-1 शिकस्त दे दी। पहले टेस्ट मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 113 रनों से मात दी थी। उसके बाद ऐसा लग रहा था कि भारत दक्षिण अफ्रीका की जमीन पर पहली बार शृंखला जीत पाएगा। लेकिन दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को सात विकेट से पराजित कर शृंखला को बराबरी पर ला दिया। तीसरा टेस्ट दोनों ही टीमों के लिए निर्णायक बन गया था, क्योंकि जो यह मैच जीतता उसका शृंखला पर कब्जा हो जाता। पहली पारी में 13 रन की बढ़त लेने की बावजूद टीम इंडिया दूसरी पारी में द. अफ्रीका के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में विफल रही। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने अपने धैर्यपूर्ण प्रदर्शन से निर्धारित स्कोर हासिल कर लिया। मैच में सर्वाधिक रन बनाने वाले दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज पीटरसन का चेतेश्वर पुजारा ने आसान कैच छोड़कर रास्ता और आसान कर दिया था। दूसरी पारी में भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत का शतक कोई काम नहीं आया। दक्षिण अफ्रीका में मिली हार से आहत कप्तान विराट कोहली ने अचानक कप्तानी को बाय-बाय कर दिया। कप्तानी से संन्यास लेने के बारे में कोहली ने कहा है कि उन्होंने अपना काम ईमानदारी से किया है। अब कप्तानी छोड़ने का समय आ गया है। मालूम हो कि कोहली को वर्ष 2014 में भारत-आस्ट्रेलिया शृंखला के दौरान बीच में ही कप्तान नियुक्त किया गया था। तत्कालीन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने उस शृंखला के बीच में ही कप्तानी छोड़ने की घोषणा कर दी थी। विराट की कप्तानी के सात साल के कैरियर में कुल 68 मैच खेले गए, जिसमें भारत को 40 में जीत तथा 17 में हार मिली थी। कप्तानी में अगर बेहतर प्रदर्शन के हिसाब से देखा जाए तो कोहली का विश्व में तीसरा स्थान  है। इससे पहले आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ की कप्तानी में कुल 57 मैच खेले गए, जिसमें 41 में विजय मिली थी। दूसरे नंबर पर आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग की कप्तानी में खेले गए कुल 77 मैच में आस्ट्रेलिया को 48 मैचों में जीत मिली थी। टी-20 विश्व कप में खराब प्रदर्शन से आहत कोहली ने पहले ही टी-20 शृंखला की कप्तानी को अलविदा कह दिया था। लेकिन बीसीसीआई ने कोहली को वनडे शृंखला की कप्तानी से भी चलता कर दिया। उसके बाद कोहली बीसीसीआई एवं चयन समिति से नाराज चल रहे थे।  पिछली शृंखला से टीम इंडिया के महत्वपूर्ण खिलाड़ी रोहित शर्मा का न रहना भी टीम के लिए भारी पड़ा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि टीम इंडिया के दो विश्वसनीय बल्लेबाजों चेतेश्वर पुजारा एवं अजिंक्या रहाणे का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इन दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन पिछले कुछ समय से टीम के लिए आत्मघाती साबित हो रहा है। अब समय आ गया है कि चयन समिति को इन दोनों के विकल्पों पर विचार करना होगा। श्रेयस अय्यर, हनुमा बिहारी, शुभमन गिल जैसे मेधावी बल्लेबाज जगह की भरपाई करने के लिए तैयार बैठे हैं। बीसीसीआई ने पहले ही वनडे और टी-20 के लिए रोहित शर्मा को कमान सौंप दी है। अब बीसीसीआई के सामने टेस्ट मैचों के लिए नए कप्तान की घोषणा करनी होगी। विराट द्वारा कप्तानी छोड़ने के साथ ही क्रिकेट के एक युग का अंत हुआ है। नए कप्तान पर विराट के अनुरूप प्रदर्शन करने का दबाव रहेगा।