गुवाहाटी : साल के अंत में असम के छह साहित्यकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। असमिया भाषा के तीन तथा बोड़ो भाषा के तीन साहित्यकारों को साहित्य क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण अवदानों की स्वीकृृति के रूप में अकादमी ने उन्हें पुरस्कृ त किया। असमिया भाषा के प्रसिद्ध साह्ति्यकार अनुराधा शर्मा पुजारी को इयात एखन अरण्य आछिल उपन्यास के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। उनके साथ डेउका कोबाई जाय कहानी संकलन के लिए अभिजित बोरा को साहित्य अकादमी युवा साहित्यकार पुरस्कार तथा बकुल फुलर दरे पुस्तक के लिए मृणाल कलिता को साहित्य अकादमी के बाल साहित्य पुरस्कार से पुरस्कृृत किया गया। बोड़ो भाषा के साहित्यकार मोदाई गाहाई को उनके काव्य ग्रंथ खरो सायाओ आरौ हिमालय के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया। उनके साथ गौतम दैमारी को जिउ गौनाओ सह काव्यग्रंथ के लिए युवा साहित्यकार पुरस्कार तथा रत्नेश्वर नार्जारी को दिखुरा सलो बाथा पुस्तक के लिए बाल साहित्य पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं दूसरी ओर राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी तथा मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने 2021 वर्ष के साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करने वालीं अनुराधा शर्मा पुजारी और मोदाई गाहाई को बधाई दी। इसके अलावा उन्होंने 2021 वर्ष के बाल साहित्य पुरस्कार विजेताओं मृणाल चंद्र कलिता (असमिया) और रत्नेश्वर नार्जरी (बोडो) तथा साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार विजेता अभिजीत बोरा (असमिया) और गौतम दैमारी (बोडो) को भी बधाई दी। राज्यपाल प्रो. मुखी ने कहा कि उनके प्रयास ने असम के लोगों को गौरवान्वित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार निश्चित रूप से आने वाले कवियों और लेखकों के मनोबल को राज्य के साहित्यिक संवर्धन में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने के लिए बढ़ावा देंगे। पुरस्कार विजेताओं की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने और अधिक दिल को छू लेने वाली कृृतियों की मांग की और उनके भविष्य के प्रयासों में कामयाबी के लिए शुभकामनाएं दीं।
अनुराधा शर्मा पुजारी सहित राज्य के छह साहित्यकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार