नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बावजूट पॉजिटिविटी रेट अब भी दुनिया भर के एवरेज से कम है। सरकार ने यह भी बताया है कि भारत में भी कोविड मामले लगातार घट रहे हैं। अच्छी खबर यह भी है कि ओमिक्रोन के मरीज पहले से मौजूद कोविड-19 ट्रीटमेंट से ही ठीक हो जा रहे हैं। देश में अब भी ज्यादातर नए कोरोना मरीज खतरनाक डेल्टा वैरिएंट के ही मिल रहे हैं। सरकार ने केरल और मिजोरम के कुछ जिलों में नए मामले मिलने की गति को लेकर चिंता भी जताई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विश्व में केस पॉजिटिविटी रेट 6 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि भारत में यह रेट 5.3 प्रतिशत ही है। इसमें भी पिछले 2 सप्ताह के दौरान भारत में केस पॉजिटिविटी रेट 0.6 प्रतिशत ही रही है। उन्होंने कहा, देश में फिलहाल 20 जिले ऐसे हैं, जिनमें केस पॉजिटिविटी रेट 5 से 10त्न के बीच है। इनमें से 9 केरल में और 8 जिले मिजोरम में हैं। देश में महज 2 जिलों में केस पॉजिटिविटी रेट 10त्न से ज्यादा है और ये दोनों जिले मिजोरम में हैं। स्वास्थ्य सचिव ने कहा, दुनिया में चौथी बार कोविड मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। कोविड मामले फिर से पीक (एक दिन में सबसे ज्यादा मामले) छू रहे हैं। 23 दिसंबर को पूरे विश्व में एक दिन में 9,64,000 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा, यूरोप, अफ्रीका और नॉर्थ अमेरिका में लगातार कोविड मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन एशिया में कोविड मामले अभी भी लगातार घट रहे हैं। भारत में भी कोविड मामले लगातार घट रहे हैं। उन्होंने कहा, देश में पिछले 2 सप्ताह से रोजाना लगातार 7000 नए मामले मिलने का एवरेज बना हुआ है। ओमिक्रोन को लेकर उन्होंने कहा, अब तक विश्व के 108 देशों में 1,51,000 से ज्यादा ओमिक्रोन के मामले दर्ज¸ किए गए हैं। देश में भी 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुक्रवार सुबह तक 358 ओमिक्रोन मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 114 मामले ठीक हो चुके हैं। भूषण ने कहा, देश में 183 ओमिक्रोन मामलों का विश्लेषण किया गया है। इनमें से 121 ने विदेश की यात्रा की थी। 44 खुद विदेश नहीं गए थे लेकिन वे विदेश से लौटे आदमी के संपर्क में थे। इन 183 मरीजों में से 87 ने कोविड वैक्सीन की दोनों डोज ली थीं, जबकि 3 लोगों ने तीन डोज (बूस्टर डोज समेत) लगवाई हुई थी। उन्होंने बताया कि एनालिसिस के दौरान इस बात के सबूत मिले हैं कि कोविड की पहली लहर और डेल्टा वैरिएंट के समय अपनाए ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल ओमिक्रोन पर भी प्रभावी साबित हुए हैं। स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि देश में अब भी नए कोरोना मामलों की सीक्वेंसिंग के दौरान डेल्टा वैरिएंट ही सामने आ रहा है। इसलिए कोरोना से बचाव के उपाय लगातार अपनाते रहना जरूरी है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वैरिएंट के कारण ही मौत का आंकड़ा बहुत ज्यादा रहा था। उन्होंने बताया कि बचाव के लिए वैक्सीनेशन को भी तेज किया जा रहा है। अब तक देश की 89त्न वयस्क आबादी को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिल चुकी है, जबकि 61त्न एडल्ट्स को वैक्सीन की दोनों डोज मिल गई हैं। उन्होंने कहा, 11 राज्यों में वैक्सीनेशन रेट अब भी नेशनल एवरेज से कम होना चिंता की बात बनी हुई है।
ओमिक्रोन से न घबराएं, सामान्य इलाज से ही ठीक हो रहा नया वैरिएंट