गुवाहाटीः असम गौहाटी उच्च न्यायालय और निम्न अदालतों में कुल मिलाकर 4,54,940 मामला विचाराधीन है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से इन मामलों को निपटाने के लिए प्रयास तेज किया गया है। असम विधानसभा शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन एआईयूडीएफ के विधायक अश्रफुल हुसैन द्वारा पूछे गए प्रश्र का सरकार की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में इसका खुलासा किया गया है। उल्लेखनीय है कि सरकार की ओर से तथ्या का साझा करते हुए  कहा कि असम के उच्च अदालत में 30 नवंबर तक 41, 313 मामले  है, जबकि राज्य के निम्न अदालतों में 4,13,627 मामले विचाराधीन हैं। असम सरकार ने कहा कि राज्य के प्रति जिले और महकमा स्तर पर विभिन्न प्रकार के अपराधिक मामलों की सुनवाई तथा मामलों पर अंतिम कार्रवाई के मद्देनजर निम्न अदालत की स्थापना की गई है। उल्लेखनीय है कि विपक्षी विधायक के सवाल का जवाब देते सरकार ने कहा कि इन अदालतों की स्थापना के अलाव राज्य में शिशु यौन उत्पीड़न समेत शिशु संबंधि जघन्य अपराध को रोकने एवं मामलों पर त्वरीत न्याय दिलाने तथा बच्चों के संरक्षण का अधिनियम पोक्सो एक्ट.2012 के तहत राज्य में 17 विशेष पोक्सो अदालत की स्थापना की गई है। सरकार ने सदन को बताया कि 2020 से चालु वित्त वर्ष के दौरान महामारी कोरोना के कारण अदालत की कार्यावाही बाधित हुई जिसके कारण इन तमाम मामलों पर फैसला लेने में देर हुई है।