पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता

गुवाहाटी: असम समझौता स्वाक्षरित होने के 35 साल बीत जाने पर भी इसका कार्यान्वयन नहीं हुआ। शासन में रहने पर भी एजीपी दल असम समझौते के कार्यान्वयन में विफल रहे। ऐतिहासिक असम आंदोलन के पहले शहीद खर्गेश्वर तालुकदार की स्मृति में श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र परिसर में असम गण परिषद के पहल में आयोजित शहीद दिवस के कार्यक्रम में भाग लेकर असम समझौता कार्यान्वयन मंत्री तथा एजीपी के अध्यक्ष अतुल बोरा तथा कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत ने सार्वजनिक रूप में असम समझौता कार्यान्वयन में विफलता स्वीकार कर ली। संवाददाताओं से बातचीत के दौरान हमारी भरसक कोशिशों के बावजूद असम समझौते का कार्यान्वयन नहीं हो सका है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते में कई ऐसे अनुच्छेद है जिनके कार्यान्वयन केंद्र सरकार की अनुमति के बिना संभव नहीं है। स्वास्थ्यमंत्री केशव महंत ने कहा कि असम समझौते के कार्यान्वयन के लिए जिस प्रकार आसू का आंदोलन जारी है उसी प्रकार सरकार के अंदर रहकर हम भी इसके लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि अतुल बोरा हमारे असम समझौता कार्यान्वयन मंत्री है। इसके अलावा हिमंत विश्वशर्मा की तरह सुयोग्य मुख्यमंत्री के नेतृत्व में काम हो रहा है।