पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता

गुवाहाटी : असम लोकसेवा आयोग की परीक्षाओं से असमिया भाषा के अनिवार्य प्रश्नपत्र हटाने के लिए राज्य सरकार ने लिए फैसले को उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को मंजूरी दे दी। उल्लेखनीय है कि 2019 में एपीएससी के संयुक्त प्रतियोगितामूलक परीक्षाओं के नियमों को संशोधित किए गए थे। इसी संशोधन के दौरान एक योग्यता निर्धारक  भाषा प्रश्नपत्र संयुक्त किया गया। हालांकि इस नई व्यवस्था से तीन जिलों को रिहाई मिली थी। 2020 में इस नियमावली का फिर से संशोधन किया गया तथा तीन और जिलों को इन नियम से रिहाई मिली। भाषा प्रश्रपत्र से रिहाई मिली 6 जिलों के उम्मीदवारों को एपीएससी परीक्षा में 300 नंबर के प्रश्नपत्र के जवाब देने से छूट मिल गई। इसके विपरीत व्यवस्था के अनुसार इन छह जिलों के अलावा बाकी जिलों के उम्मीदवारों को इन भाषा प्रश्रपत्रों की परीक्षा में पास न करने पर परीक्षा से निकल जाना पड़ेगा। 2020 के उक्त नियम के खिलाफ गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक मामला दर्ज कराया गया था जिस पर कार्यवाई हो रही थी। शुक्रवार को राज्य सरकार की तरफ से न्यायालय को सूचित किया गया कि 24 नवंबर के कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया कि आगामी जनवरी महीने में आयोजित होने वाली एपीएससी मैन्स परीक्षा में किसी उम्मीदवार को भाषा प्रश्रपत्र में बैठने की जरूरत नहीं होगी। यह नियम राज्य के सभी जिलों के उम्मीदवारों के लिए प्रयुक्त होगा। इस सूचना के आधार पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने जनवरी महीने में आयोजित होने वाली एपीएससी मैन्स परीक्षा में भाषा प्रश्रपत्र की परीक्षा रद्द करने के लिए असम लोकसेवा आयोग को निर्देश दिया। मामले पर आगामी सुनवाई फरवरी महीने में होगी।