नई दिल्ली : सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अब तक कोरोना वायरस के ओमिक्रोन स्वरूप के 25 मामलों का पता चला है और सभी मामलों में मुख्य रूप से हल्के लक्षण देखे गए हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, चिकित्सकीय रूप से, ओमिक्रोन अभी तक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ नहीं डाल रहा है, लेकिन सतर्कता बनाए रखनी होगी। महामारी पर संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में सरकार ने कहा कि भारत में ओमिक्रोन स्वरूप के अब तक 25 मामले सामने आ चुके हैं। महाराष्ट्र में 10, राजस्थान में नौ, गुजरात में तीन, कर्नाटक में दो और दिल्ली में एक व्यक्ति में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अब तक ओमिक्रोन स्वरूप से संक्रमित मरीजों में मुख्य रूप से हल्के लक्षण देखे गए हैं। अग्रवाल ने कहा कि 59 देशों में अब तक नए स्वरूप के 2,936 मामले सामने आए हैं। संयुक्त सचिव ने कहा कि वर्तमान में 78,064 संदिग्ध मामलों में जांच और जीनोम अनुक्रमण किया जा रहा है। वैश्विक परिदृश्य पर नजर रखने और भारत में स्थिति की समीक्षा के लिए नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जा रही हैं। आईसीएमआर के एक अधिकारी ने कहा कि निदान और उपचार के वैज्ञानिक प्रमाणों की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है और उपचार प्रक्रिया पहले जैसी है। सरकार के मुताबिक विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने यह रेखांकित किया है कि टीकाकरण दर में वृद्धि के साथ विश्व स्तर पर लोक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का अनुपालन कम हो रहा है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि सरकार को अभी तक कोविड-19 के खिलाफ बच्चों को टीका देने के लिए टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) से कोई सिफारिश नहीं मिली है। देश में 86.2 प्रतिशत वयस्कों को कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक मिल चुकी है, वहीं 53.5 प्रतिशत को दोनों खुराक दी जा चुकी हैं। देश के 19 जिलों में कोविड-19 की साप्ताहिक संक्रमण दर पांच से 10 प्रतिशत के बीच है, जबकि तीन राज्यों के आठ जिलों में यह दर 10 प्रतिशत से अधिक है।