भारत-अमरीका ट्रेड डील

आखिरकार काफी जद्दोजहद के बाद भारत और अमरीका के बीच व्यापार समझौते पर मुहर लग गई है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार की रात खुद कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर आम सहमति बनी है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत के बाद टैरिफ में कमी की गई है। अब भारत पर 50 प्रतिशत की जगह केवल 18 प्रतिशत टैरिफ ही लगेगा। ट्रंप ने मोदी को अपना मित्र तथा शानदार नेता भी बताया। ऐसा लगता है कि यूरोपीय यूनियन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते के बाद अमरीका पर व्यापार समझौता के लिए दबाव बढ़ रहा था। भारत इससे पहले ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ भी मुक्त व्यापारत समझौता कर चुका है। कई अरब देशों तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ भी भारत का मुक्त व्यापार समझौता हो चुका है। यूरोपीय यूनियन के साथ समझौते के बाद अमरीका अलग-थलग पड़ रहा था। पिछले सात महीनों से व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत के बाद सहमति बनी है। 31 जुलाई 2025 को अमरीका ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की थी जो पिछले 7 अगस्त से प्रभावी है। उसके बाद रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर और 25 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने की घोषणा की थी। टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत होने से भारत के टेक्सटाइल, रत्न, आभूषण, कृृषि उत्पात, चमड़ा, केमिकल्स, फुटवियर, इलेक्ट्रानिक मशीनरी का व्यापार अमरीका में ज्यादा हो पाएगा। अमरीका में भारतीय कंपनियां टेक्सटाइल उत्पादों का निर्यात करती हैं जो वहां के कुल बाजार के 28 प्रतिशत है। भारत अमरीका में 10.3 अरब डॉलर के टेक्सटाइल वस्तुओं का निर्यात करता है। इसी तरह रत्न, आभूषण से बने उत्पादों का लगभग 12 अरब डॉलर का निर्यात होता है। 50 प्रतिशत टैरिफ लगने के बाद गुजरात का सूरत जो डायमंड हब के लिए जाना जाता है, उसकी मुश्किलें बढ़ गई थी। इसी तरह भारत 5.6 अरब डॉलर के कृृषि उत्पादों का निर्यात करता है। चमड़ा एवं फुटवियर 1.18 अरब डॉलर, केमिकल 2.34 अरब डॉलर तथा इलेक्ट्रानिक मशीनरी 9 अरब डॉलर मूल्य का अमरीका में निर्यात होता है। भारत का फार्मा सेक्टर का अमरीका के बाजारों के 40 प्रतिशत हिस्सों पर कब्जा है। भारत अमरीका को 10.5 अरब डॉलर के दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों का निर्यात करता है। लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति ने वहां के लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए फार्मा सेक्टर को टैरिफ मुक्त रखा था। इसी तरह इलेक्ट्रानिक्स, स्मार्टफोन, लैपटॉप, सर्वर एवं टैबलेट जैसे उत्पादों को भी टैरिफ से अलग रखा था, क्योंकि इसमें अमरीकी कंपनियों की भागेदारी थी। ट्रंप द्वारा टैरिफ कम करने की घोषणा के साथ ही शेयर बाजार में रौनक लौट आई है। मंगलवार को सेंसेक्स 2072.67 तथा निफ्टी 639.15 अंक की वृद्धि के साथ शेयर बाजार बंद हुआ। अमरीकी घोषणा के बाद रुपए को भी मजबूती मिली है। मंगलवार को रुपया एक रुपया 22 पैसे मजबूत होकर 90.27 पर पहुंचा जो अब तक की सबसे बड़ी मजबूती है। सोने-चांदी की कीमतों में भी आज उछाल देखा गया। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी व्यापार समझौते की पुष्टि की है, ङ्क्षकतु शर्तों के बारे में खुलासा नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी टैरिफ घटाने के लिए अमरीकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया है। कुल मिलाकर अमरीका के साथ व्यापार समझौता होने से भारत की अर्थ-व्यवस्ता को मजबूती मिलेगी।