प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों जॉर्डन, इथियोपिया तथा ओमान की यात्रा पर पहुंचे। यह यात्रा 15 से 18 दिसंबर तक चली। जॉर्डन तथा ओमान मध्य-पूर्व के महत्वपूर्ण देश हैं, जबकि इथियोपिया दूसरा बड़ा अफ्रीकन देश है, जिसका रणनीतिक महत्व है। जॉर्डन इजराइल से सटा मुस्लिम देश है, जो हमेशा भारत के साथ खड़ा रहा है। मोदी की यात्रा के दौरान जॉर्डन में उनका भव्य स्वागत हुआ तथा व्यापार बढ़ाने संबंधी कई मुद्दों पर हस्ताक्षर किये गए। अफ्रीकी देश इथियोपिया में वहां के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली ने वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दुनिया के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्हे इथियोपिया का यह सम्मान मिला है। इथियोपिया के प्रधानमंत्री ने प्रोटोकॉल तोडक़र हवाई अड्डे पर खुद मोदी की आगवानी की तथा कार को खुद ड्राइव कर मोदी को होटल तक पहुंचाया। मुस्लिम बहुल देश इथियोपिया में वहां के कलाकारों ने राजकीय भोज के वक्त वंदे मातरम् गान से मोदी का स्वागत किया, जिसका मोदी ने ताली बजाकर उन कलाकारों का होसला अफजाई किया। अफ्रीकी देश जिबूती में अमरीका, चीन तथा फ्रांस का नौसैनिक अड्डा है। इथियोपिया जिबूती से सटा देश है, जो रणनीतिक दृष्टिकोण से भारत के लिए महत्वपूर्ण है। इस देश में भारत की पैठ बढऩे से जरूरत पडऩे पर भारत को रणनीतिक लाभ मिल सकता है। इथियोपिया के संसद ने मोदी के संबोधन के वक्त 50 बार से ज्यादा तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। भारत चीन के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए अफ्रीकी देशों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। अफ्रीका के सबसे बड़े देश नाइजीरिया की मोदी पहले ही यात्रा कर चुके हैं। भारत में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत ने अफ्रीकी यूनियन को सदस्य बनवा कर यह साबित कर दिया कि भारत वास्तव में ग्लोबल साउथ का हितैषी है। अपने अंतिम पड़ाव में मोदी ने ओमान की यात्रा की। यहां भी मोदी को ओमान की राष्ट्रीय सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। भारत और ओमान के बीच पहले से ही प्रगाढ़ संंबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हुआ है जिससे व्यापार में तेजी आएगी। इससे पहले भारत ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर चुका है। 2024-25 में भारत और ओमान के बीज 10 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। ओमान में सात लाख भारतीय काम करते हैं जो प्रति वर्ष लगभग दो अरब डॉलर की कमाई भारत भेजते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने भारत-ओमान बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी में दोनों देशों की साझेदारी में नए विश्वास और उत्साह का संचार हुआ है। पिछले 11 वर्षों के दौरान भारत की नीतियों में न केवल बदलाव आया है, बल्कि आॢथक डीएनए में परिवर्तन आया है। दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने से रत्न, आभूषण, कपड़ा, चमड़ा, जूते, खेल का सामान, इंजीनिरिंग उत्पाद, फार्मा तथा श्रम प्रधान से जुड़े मामले में टैक्स से पूरी राहत मिलेगी। ओमान मध्य-पूर्व तथा अफ्रीकी बाजार के भारत के मुख्य द्वार बन सकता है। अमरीका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भारतीय उत्पादों के लिए वैकल्पिक बाजार खोजना समय की मांग है। मध्य-पूर्व तथा अफ्रीकी देशों से संबंध प्रगाढ़ होने से भारत को ग्लोबल साउथ के देशों में चीन को चुनौती देना आसान हो जाएगा।
मोदी की तीन देशों की यात्रा