बॉलीवुड के ही-मैन एवं सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को 89 वर्ष की उम्र में मुंबई में देहांत हो गया। लगभग 65 वर्षों से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाले धर्मेंद्र के निधन से एक युग का अंत हो गया। उनके प्रशंसकों एवं शुभङ्क्षचतकों में मायूसी की लहर छा गई। उनका अभिनय आज तक दर्शकों के मन-मस्तिष्क पर छाया हुआ है। फिल्म फेयर द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता एवं लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित यह शख्सियत अपनी पहचान के लिए किसी का मोहताज नहीं रहा। अपने बलबूते पर उन्होंने काफी संघर्ष कर अपनी पहचान बनायी थी जिसे लोग आज भी याद कर रहे हैं। वर्ष 2004 में धर्मेंद्र ने भाजपा की टिकट पर राजस्थान के बीकानेर से लोकसभा का चुनाव लड़ा था तथा वहां से विजयी हुए थे। उनके निधन से जो क्षति पहुंची है उसकी भरपाई करना संभव नहीं है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर सभी पार्टी के नेताओं तथा बॉलीवुड के सितारों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उनके अंतिम यात्रा में जिस तरह लोगों की भीड़ देखी गई यह दर्शाता है कि वे आम लोगों में कितने लोकप्रिय थे। बॉलीवुड के अभिनेता जितेंद्र, संजय दत्त, अनुपम खेर, अजय देवगन तथा अभिनेत्री आशा पारेख, जयाप्रदा, स्मृति ईरानी एवं काजल सहित अनेक फिल्मी हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया। फिल्म सत्यकाम से लेकर शोले तक 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करके धर्मेंद्र ने मनोरंजन जगत में एक अलग मुकाम हासिल किया। शोले फिल्म में उनके शानदार अभिनय को दर्शक आज भी याद करते हैं। वे अपनी अदाओं से दर्शकों के दिल पर राज करते रहे। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले श्मशान में हुआ। उनके बड़े पुत्र सनी देओल ने पिता को मुखाग्नि दी। उस वक्त पूरा माहौल गमगीन हो उठा था। पिछले कुछ वक्त से वे बीमार चल रहे थे तथा उनका मुंबई के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिवार ने इस महीने की शुरुआत में घर पर ही उनका इलाज करने का निर्णय लिया था। इस महीने की शुरुआत में मीडिया में धर्मेंद्र के निधन की खबर आ गई थी, जो गलत साबित हुई थी। उस रिपोर्ट के आधार पर कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर शोक भी व्यक्त कर दिया था। इसको लेकर धर्मेंद्र के परिवार वालों ने काफी नाराजगी व्यक्त की थी। ङ्क्षहदी सिनेमा के इतिहास के पन्नों में उनका नाम सदैव अमर रहेगा। एक अच्छे कलाकार के साथ-साथ वे एक अच्छे इंसान भी थे जिन्हें फिल्म जगत बहुत प्यार करता था। पंजाब में 1935 में जन्मे धर्मेंद्र का असली नाम धरम ङ्क्षसह देओल था। उन्होंने शोले, चुपके चुपके, सत्यकाम, अनुपमा, सीता और गीता, धरमवीर, इज्जत जैसी कई हिट फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई। एक्शन, रोमांस और हास्य भूमिका में अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए उन्हें व्यापक रूप से सराहा गया। धर्मेंद्र के परिवार में उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर, दूसरी पत्नी हेमा मालिनी, बेटे सनी देओल और बॉबी देओल तथा पुत्री विजेता, अजिता, ईशा एवं अहाना हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक प्रतिष्ठित फिल्म शख्यित एवं अद्भुत अभिनेता कहा। मोदी ने कहा कि वे हर तरह के किरदार में आकर्षण एवं गहराई पैदा करते थे। यही कारण है कि उनकी विविध भूमिकाएं करोड़ों लोगों के दिल में गहरी छाप छोड़ी है। मोदी ने कहा कि वे अपनी सादगी, विनम्रता एवं गर्मजोशी के लिए जाने जाते थे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने बयान में सदाबहार अभिनेता धर्मेंद्र की मृत्यु को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया। 60 दशकों से लंबा उनका फिल्मी जीवन सिनेमा जगत की युवा पीढ़ी के लिए अनुकरणीय है। ऐसे कलाकार इस धरती पर रोज रोज नहीं आते जिन्होंने अपनी भूमिका से हर तरह के दर्शकों को प्रभावित किया है। वे अंतिम समय तक फिल्मों के प्रति समॢपत रहे। उनकी आखिरी फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। निधन के बाद भी वे दर्शकों को जीवन का अनमोल पाठ पढ़ाते दिखेंगे। ऐसी शख्सियत को भावभीनी श्रद्धांजलि।
अलविदा ही-मैन धर्मेंद्र