पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता
गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शनिवार को घोषणा की कि असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) के अगले सत्र से उम्मीदवार असमिया भाषा में अपनी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा लिख सकेंगे। गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि यह उनके संज्ञान में आया है कि असमिया माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी भाषा में अपनी एपीएससी परीक्षा देने में काफी मुश्किल होती है और इस प्रकार वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार की शाम को मुझे नलबाड़ी में एक छात्र से एक व्हाट्सएप संदेश मिला जिसमें मुझसे अनुरोध किया गया था कि एपीएससी के उम्मीदवार को असमिया भाषा में लिखने की अनुमति दी जाए। मैंने इस बारे में एपीएससी के अधिकारियों से भाषा की बाध्यता के बारे में पूछा तो उन्होंने पुष्टि की कि नियमों के अनुसार उम्मीदवार केवल अंग्रेजी में अपना उत्तर लिख सकते हैं। यह मेरे लिए काफी चौंकाने वाला है क्योंकि मैं अपने राजनीतिक कैरियर के पिछले 15 वर्षों से इस मुद्दे से अवगत नहीं था। यहां तक कि आईएएस उम्मीदवार भी असमिया में लिख सकते हैं। इसलिए आज सुबह हमने फैसला किया कि अगले साल से उम्मीदवार असमिया भाषा में अपनी एपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में जवाब लिख सकते हैं। इससे पहले एपीएससी उम्मीदवारों को केवल अंग्रेजी भाषा में प्रीलिम्स और मेन्स लिखने की अनुमति थी। सीएम ने यह भी उल्लेख किया कि असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) द्वारा आयोजित असम सिविल सेवा (एसीएस) परीक्षा के लिए भाषा के पेपर को वापस लेने का असम सरकार का निर्णय एक छात्र केंद्रित निर्णय था और लोक सेवा आयोग (एपीएससी)के उम्मीदवारों को अपनी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा असमिया भाषा में लिखने की अनुमति का शनिवार के फैसले से कोई लेना-देना नहीं है।