दुबई:मोर्चे से अगुवाई करने वाले कप्तान रोहित शर्मा के बल्ले के कमाल और स्पिनरों के धमाल के दम पर भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इस मैच से पहले रोहित के संन्यास की अटकलें लगाई जा रही थी, लेकिन उन्होंने अपने चिर परिचित फॉर्म में लौटकर आलोचकों के मुंह बंद कर दिए । उनकी कप्तानी में यह टी-20 विश्व कप 2024 के बाद भारत ने दूसरा आईसीसी खिताब जीता। भारत ने टूर्नामेंट में एक भी मैच गंवाए बिना 2002 और 2013 के बाद तीसरी बार खिताब जीता। कोई दूसरी टीम तीन बार यह ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। स्पिनर कुलदीप यादव और वरूण चक्रवर्ती ने हालात का फायदा उठाते हुए बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन डेरिल मिचेल और माइकल ब्रेसवेल ने संयम के साथ अर्द्धशतक लगाते हुए न्यूजीलैंड को सात विकेट पर 251 का मजबूत स्कोर दिया। रोहित ने 83 गेंद में 76 रन बनाकर जीत की नींव रखी और भारत ने एक ओवर बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। केएल राहुल ने फिनिशर की भूमिका निभाते हुए नाबाद 34 रन बनाए। चोटिल मैट हेनरी की जगह खेल रहे तेज गेंदबाज नैथन स्मिथ को रोहित ने दो छक्के और दो चौके जड़े। दूसरे छोर पर शुभमन गिल ने 31 रन बनाए और पहले विकेट के लिए रोहित के साथ 105 रन जोड़े। वह ग्लेन फिलिप्स के दर्शनीय कैच पर पवेलियन लौटे जबकि गेंदबाज मिचेल सेंटनेर थे। विराट कोहली का दर्शकों ने तालियों के साथ स्वागत किया, लेकिन वह दो ही गेंद टिक सके और माइकल ब्रेसवेल की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। पावरप्ले के बाद अगले 16 ओवर में रोहित अपने स्कोर में 27 रन ही जोड़ सके। उन्होंने आक्रामक होकर खेलने की बजाय विकेट बचाकर स्पिनरों को खेला। आखिर में रचिन रवींद्र की गेंद पर आगे बढ़कर खेलने के प्रयास में वह चूके और लैथम ने स्टम्पिंग करके उन्हें वापिस भेजा। उस समय भारत जीत से 130 रन दूर था। इसके बाद श्रेयस अय्यर (48) और अक्षर पटेल (29) ने 61 रन की साझेदारी की। इससे पहले न्यूजीलैंड के लिए डेरिल मिचेल ने 101 गेंद में 63 रन बनाए जबकि ब्रेसवेल ने 40 गेंद में 53 रन जोड़े । न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया लेकिन उसके स्टार बल्लेबाज टिककर खेल नहीं सके जिसके बाद इन दोनों ने पारी को संभाला। न्यूजीलैंड ने अच्छी शुरुआत करते हुए दस ओवर में एक विकेट पर 69 रन बना लिए थे। छठे ही ओवर में गेंदबाजी के लिए आए वरूण ने विल यंग को पवेलियन भेजा। वहीं कप्तान रोहित शर्मा ने कलाई के स्पिनर कुलदीप को 11वें ओवर में गेंद सौंपी जिससे मैच का नक्शा ही बदल गया। कुलदीप ने पहली ही गेंद पर रचिन रवींद्र को पवेलियन भेजा जब उनकी गुगली सीधे स्टम्प पर जा लगी। इसके साथ ही 57 रन की पहले विकेट की साझेदारी भी खत्म हो गई जिसमें रवींद्र ने हार्दिक पांड्या को लगातार छक्का और दो चौके लगाए थे। उन्हें 28 के स्कोर पर मोहम्मद शमी ने अपनी ही गेंद पर जीवनदान दिया था। अगले ओवर में कुलदीप ने केन विलियमसन का रिटर्न कैच लपककर न्यूजीलैंड को सबसे करारा झटका दिया। न्यूजीलैंड ने 12.2 ओवर में 75 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। भारत के चौतरफा स्पिन आक्रमण का कीवी टीम सामना नहीं कर सकी और अगली 81 गेंद में कोई चौका नहीं लगा। ग्लेन फिलिप्स ने कुलदीप को लांग ऑफ पर छक्का लगाकर इस दबदबे को तोड़ा। यदा कदा सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले कुलदीप और वरूण को पिच से काफी सहायता मिली। वहीं अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा ने रफ्तार के सहारे कीवी बल्लेबाजों को परेशान किया। भारतीय स्पिनरों ने 38 ओवर डाले और सिर्फ 144 रन दिए। वरूण ने फिलिप्स को आउट करके पांचवें विकेट की 57 रन की साझेदारी तोड़ी। फिलिप्स उनकी गुगली का शिकार हुए।
भारत बना चैंपियंस ट्रॉफी का चैंपियन
