पूर्वांचल प्रहरी निज संवाददाता काजीरंगा : भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने 61 देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों और प्रतिनिधियों के साथ आज सोमवार की सुबह घने कोहरे के बीच काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का दौरा किया। इस दौरान हाथी सफारी और जीप सफारी की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे विदेशी प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों और काजीरंगा की प्राकृतिक सुंदरता का लुफ्त उठाया। मालूम हो शेष पृष्ठ 11 पर कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के दौरे के बाद से यह स्थल दुनियाभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। देश के पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, रामनाथ कोविंद और वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विश्व धरोहर स्थल का दौरा किया था। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान अपने एक सींग वाले गैंडे, हाथी, जंगली भैंसे, दुर्लभ हिरण और सैकड़ों प्रजातियों के पक्षियों व जलजीवों के लिए प्रसिद्ध है। इसके साथ ही काजीरंगा के सुंदर प्राकृृतिक वातावरण को देखने के लिए विदेश मंत्री डॉ.जयशंकर के नेतृत्व में ऑस्ट्रिया, भूटान, जापान, बांग्लादेश, जर्मनी, जॉर्जिया, फिनलैंड, इटली और इराक सहित दो सौ से अधिक देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और प्रतिनिधि काजीरंगा पहुंचे। उल्लेखनीय है कि यह दल एडवांटेज असम 2.0 कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गुवाहाटी आए थे और शुक्रवार की जोरहाट एयरपोर्ट पहुंचकर काजीरंगा के लिए पहुंचे थे। सरकारी देखरेख में ये विदेशी प्रतिनिधि आईओरा, बोरगोस, रॉयल डिकासा जैसे पर्यटन स्थलों में रात्रि विश्राम किया, वहीं आज सुबह कोहेरा वन क्षेत्र के अंतर्गत मिहीमुख में हाथी सफारी का आयोजन किया गया, जहां प्रतिनिधियों ने बाघ, गैंडे, जंगली भैंसे और अन्य दुर्लभ जीवों का नजदीक से अवलोकन किया। इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने काजीरंगा के विश्वसनीय और प्रसिद्ध हाथी पैडून्न पर सफारी की और नजदीक से गैंडे, भैंसे और हिरणों के झुंड को देखकर अत्यंत उत्साहित हुए। इस दौरान उनके साथ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के वन मंडल अधिकारी अरुण कुमार विग्नेश भी मौजूद थे। इधर काजीरंगा की अद्भुत जैव विविधता देखकर विदेशी प्रतिनिधियों ने खुशी जताई। डॉ.जयशंकर ने कहा कि काजीरंगा की हरियाली को नजदीक से देखना एक अनोखा अनुभव है। हमने किताबों और डॉक्यूमेंट्री में काजीरंगा के बारे में सुना था, लेकिन इसे प्रत्यक्ष रूप से देखना अविश्वसनीय है। वहीं जॉर्जिया के राजदूत ने भी अपनी प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि भारत का महाकुंभ और काजीरंगा दोनों अद्भुत हैं। इधर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि एडवांटेज असम 2.0 कार्यक्रम असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे क्षेत्र में नए निवेश, निवेशक और वैश्विक ध्यान आकर्षित होगा। इस दौरान दल के साथ काजीरंगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा, कृषि मंत्री अतुल बोरा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एमके यादव और काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की निदेशक सोनाली घोष सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। काजीरंगा की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता ने विदेशी प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे यह स्थल वैश्विक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।