गुवाहाटी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को असम के दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मंगलवार को 'एडवांटेज असम 2.0 निवेश और बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन' का उद्घाटन करेंगे। शर्मा ने रविवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री सोमवार शाम को सरुसजाई स्टेडियम में झुमुर नृत्य प्रदर्शन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे चाय बागानों के कलाकारों द्वारा नृत्य प्रदर्शन शाम 5.30 बजे शुरू होगा। प्रधानमंत्री कलाकारों और दर्शकों का अभिवादन करेंगे। झुमुर प्रदर्शन के बाद राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक थीम पर एक लेजर शो होगा। असम चाय के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित 8,500 से अधिक कलाकारों द्वारा झुमुर प्रदर्शन को देखने के लिए भारत में 61 मिशन प्रमुखों के साथ-साथ अन्य शीर्ष गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहेंगे। शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री सोमवार शाम को एडवांटेज अम 2.0 शिखर सम्मेलन के साथ आयोजित एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि   के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस कार्यक्रम में असम के विभिन्न जिलों के चाय समुदाय और आदिवासी समुदायों के 8,000 से अधिक कलाकार भाग लेंगे। मुख्यमंत्री ने आज 'झुमुर बिनंदिनी' के अंतिम रिहर्सल को देखा और रिहर्सल स्थल पर कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए एकत्रित हुए कलाकारों और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 'झुमुर असम की समृद्ध संस्कृृति का अभिन्न अंग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के चाय बागानों की समृद्ध कला, संस्कृृति और परंपराओं को विश्व पटल पर स्थापित किया जाना चाहिए तथा चाय समुदाय और आदिवासी समुदायों की उभरती पीढ़ी को मातृभूमि असम की उन्नति में योगदान देने के लिए कृृतसंकल्पित होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 'झुमुर बिनंदिनी' कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रत्येक कलाकार को इस वर्ष अगस्त-सितंबर में जिला मुख्यालयों पर आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें प्रशंसा के प्रतीक के रूप में 25,000 रुपए और दो प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इनमें से एक प्रमाण पत्र असम सरकार द्वारा और दूसरा मुख्यमंत्री द्वारा जारी  जाएंगे। श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक समारोह में मास्टर प्रशिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा।  अगले चरण में देश की राजधानी नई दिल्ली में 25,000 कलाकारों की भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर 'झुमइर नृत्य का प्रदर्शन करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बोड़ो लोगों की रंगीन संस्कृृति के प्रतीकों में से एक बागरुम्बा नृत्य को इस वर्ष नवंबर में विश्व के संदर्भ में एक अलग तरीके से प्रस्तुत करने का भी प्रयास करेगी। 'झुमुर बिनंदिनी' के अंतिम रिहर्सल में कई मंत्री, सांसद, विधायक और राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।