पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता जोरहाट : कांग्रेस सांसद रकिबुल हुसैन ने जोरहाट में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर हुए हमले को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने इस हमले को एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि बाहर जो दिख रहा है, असल तस्वीर उससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा इस पूरे मामले को हल्का दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। सांसद हुसैन ने  हा कि यह हमला कोई साधारण घटना नहीं थी, बल्कि उन्हें मारने की साजिश थी, जिसमें कुछ कुख्यात अपराधी शामिल थे। उन्होंने बताया कि बैठक को सार्वजनिक स्थल के बजाए कांग्रेस कार्यकर्ता के घर पर आयोजित किया गया था, क्योंकि उस दौरान मैट्रिक परीक्षा चल रही थी। सांसद होने के नाते उन्होंने अपनी पूरी यात्रा की जानकारी नगांव जिले के एसपी, गुवाहाटी पुलिस और स्थानीय थाने को पहले ही दे दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगांव एसपी पहले भी उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण रुख अपना चुके हैं। उपचुनाव के दौरान उनकी भूमिका पर सवाल उठाए गए थे और तभी से उन्होंने सांसद का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया था। घटना वाले दिन भी जब सांसद ने उन्हें किसी अन्य नंबर से फोन किया और हमले की आशंका जताई, तब भी उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। एसपी ने सिर्फ स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन उन अधिकारियों ने सांसद को रूपहीहाट तिनाली पर इंतजार करने को कहा जहां हमला हुआ। साथ ही रकिबुल हुसैन ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उन पर छह बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि जब से मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा गृह मंत्री बने हैं, उनकी सुरक्षा में ढील दी गई है और उनके सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया। इसके बाद से उन पर बार-बार हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस हमले के पीछे कासेम नामक एक अपराधी शामिल है, जो एक कुख्यात ड्रग्स तस्कर तथा डकैत है। जेल से रिहा हुए अपराधियों के एक गिरोह ने उनके और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमले किए। हमले के दौरान उनके सुरक्षाकर्मी जीतुमोनी बोरा और चंद्र सिंह फांगसुक को बुरी तरह पीटा गया। इस घटना ने असम पुलिस की साख को भी धूमिल किया है। साथ ही सांसद हुसैन ने दावा किया कि असम पुलिस अब दो गुटों में बंट चुकी है, जिसमें एक हिमंत पुलिस और दूसरी असम पुलिस है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंत पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है और इस तरह के हमलों को बढ़ावा दे रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब अपनी घटती लोकप्रियता से घबरा गए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड चुनाव में मुख्यमंत्री को क्रेडिट लेने की कोशिश का उल्टा असर पड़ा और भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से अब दिल्ली में पार्टी नेतृत्व ने उन पर लगाम लगा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि हिमंत विश्वशर्मा आगामी 2026 के चुनावों में अपनी हार को भांप चुके हैं, इसलिए अब वेमियां समुदाय के वोट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। पत्रकार सम्मेलन के दौरान सांसद हुसैन ने नगांव एसपी को बर्खास्त करने और मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अधिकारी का फोन जब्त कर लिया जाए और निष्पक्ष जांच हो तो इस हमले की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर इस हमले में प्रत्यक्ष संलिप्तता का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री के पद से इस्तीफे की भी मांग की। साथ ही सांसद हुसैन ने हिमंत विश्व शर्मा को तंज कसते हुए डरपोक बताते हुए कहा कि अगर वे सच्चाई से भागेंगे तो जनता उन्हें वर्ष 2026 के चुनाव में जवाब देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यह साफ करें कि राज्य में किन इलाकों को वे गृह मंत्री के नियंत्रण से बाहर मानते हैं। उन्होंने जोरहाट में हुए विकास कार्यों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भाजपा सरकार की उपलब्धियों को देखा जाए तो जोरहाट में केवल एक फ्लाईओवर बना है, जबकि कांग्रेस शासनकाल में कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए गए थे। पत्रकार सम्मेलन के दौरान सांसद हुसैन के साथ युवा नेता तानजिल हुसैन, जोरहाट जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष पुतुल बुढ़ागोहाईं सहित जिला समिति के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।