पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय/डेस्क संवाददाता
गुवाहाटीः नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) विरोधी कार्यकर्ताओं के आह्वान के असर का किसी तरह के प्रभाव का खंडन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि राज्य में सीएए विरोधी आंदोलन अब नहीं चलेगा। असम के लोग अब इस तरह के किसी भी आंदोलन में शामिल नहीं होने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि किसान आंदोलन की सफलता के बाद असम में सीएए के खिलाफ फिर से आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। मंगलवार को गुवाहाटी स्थित असम पुलिस के मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि लोगों को अभी कोविड-19 महामारी से कुछ राहत मिली है और अपनी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं, इस प्रकोप के कारण लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुई थी। मेरा मानना है कि अब लोग किसी तरह के आंदोलन में शामिल होने को तैयार नहीं हंै। सवाल यह नहीं है कि कौन सीएए का समर्थन करता हैं या कौन अस्वीकार करता है, लेकिन यह इस तरह के आंदोलन का समय नहीं है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने आज असम पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ ही पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक दिवसीय बैठक की, जिसमें साइबर अपराध पर कई तरह के चर्चे किए। इस दौरान उन्होंने साइबर सुरक्षा पर हैंडबुक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक में असम पुलिस को स्मार्ट पुलिस बल में बदलने, पुलिस को आधुनिकीकरण करने, कार्यशैली में सुधारए लाने, घटनाओं को जल्द निपटारा करने, सार्वजनिक सेवा को और सुदृढ करने, संवेदनशील और अति-संवेदनशील मामले को गंभीरता से निपटने, कुशल खुफिया जानकारी एकत्र करे समेत अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।