सनातन धर्म में मार्गशीर्ष मास को अत्यंत पवित्र और लाभकारी माना जाता है। इस महीने में आने वाले सभी व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व होता है। इसी माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी के रूप में जाना जाता है। इस वर्ष मोक्षदा एकादशी का व्रत कल यानी 11 दिसंबर को रखा जाएगा। मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से आती है सुख, समृद्धि : यह माना जाता है कि मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली का आगमन होता है। इसके अतिरिक्त, साधक को मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। आइए, यह समझते हैं कि मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से मोक्ष कैसे प्राप्त होता है। मोक्षगदा एकादशी तिथि का प्रारंभ 11 दिसंबर को 3.42 पर होगा और इसका समापन 12 दिसंबर को 1.09 पर होगा इसलिए मोक्षदा एकादशी का व्रत 11 दिसंबर 2024 को रखा जाएगा। मोक्षदा एकादशी का व्रत रखने से होती है मोक्ष की प्राप्ति : मोक्षदा एकादशी व्रत से मोक्ष की प्राप्ति होती है या नहीं, इस पर विचार करते हुए पौराणिक कथाएं हमें बताती हैं कि इस दिन कुरुक्षेत्र के युद्ध में अनेक योद्धा वीरगति को प्राप्त हुए और उन्हें मोक्ष मिला। इस व्रत का पालन करने से सीधे तौर पर मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती, किंतु पुण्य के फल अवश्य मिलते हैं। यह मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से आत्मा और मन की शुद्धता बनी रहती है। इस व्रत के माध्यम से व्यक्ति अपने पापों से मुक्त होता है और उसके जीवन में सुख और शांति का संचार होता है। कहा जाता है कि इस दिन गीता का पाठ करने और उसके उपदेशों का अनुसरण करने से मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
मोक्षदा एकादशी व्रत रखने से होती है मोक्ष की प्राप्ति
