डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इसमें ब्लड शुगर का स्तर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है जिसे अगर कंट्रोल न किया जाए तो शरीर के कई अंगों को क्षति हो सकती है। यही कारण है कि जिन लोगों को ये समस्या होती है उन्हें खान-पान और दिनचर्या पर खास ध्यान देते रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही डायबिटीज रोगियों का यह जानना भी आवश्यक होता है कि किस मौसम में कैसी दिनचर्या अपनाएं और किन-किन चीनों का इस्तेमाल करें। अगर आपको भी ये बीमारी है तो सावधान हो जाइए और शुगर को कंट्रोल रखने के लिए नियमित रूप से प्रयास करते रहिए। जब शरीर या तो इंसुलिन प्रतिरोध विकसित कर लेता है या किसी कारण से इंसुलिन के उत्पादन में कमी हो जाती है, तो इससे डायबिटीज होने का जोखिम बढ़ जाता है। यदि मधुमेह का इलाज नहीं किया जाए और शुगर लेवल अक्सर बढ़ा रहे तो इसके कारण हृदय रोग, किडनी की बीमारी, न्यूरोपैथी, पैरों की समस्या और आंखों की रोशनी कमजोर होने का जोखिम बढ़ जाता है। डायबिटीज में खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसका सीधा असर हमारे शुगर लेवल पर होता है। सर्दियों के इस मौसम में खान-पान के कई ऐसे विकल्प मौजूद होते हैं जिनसे न सिर्फ शुगर को कंट्रोल रखा जा सकता है साथ ही शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से भी बचाया जा सकता है। आइए ऐसी ही कुछ चीजों के बारे में जानते हैं जो डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं?  संतरा है फायदेमंद : संतरे को पोटेशियम, फाइबर और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। चूंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए इसे खाने के बाद ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ाता है। मधुमेह रोगियों के लिए, विटामिन-सी बेहद महत्वपूर्ण है। यह न केवल शुगर के स्तर को कम करता है बल्कि एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में विटामिन-सी क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की रिकवरी में भी सहायक है। गाजर का सेवन करें : मधुमेह वाले लोगों के लिए सर्दियों में गाजर का सेवन करना काफी लाभकारी है। गाजर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह मधुमेह रोगियों के लिए आदर्श है। इनमें बहुत सारा विटामिन-सी होता है, जो प्रतिरक्षा को मजबूत करने में मदद करता है। गाजर में बीटा-कैरोटीन और विटामिन-ए पाया जा सकता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और रेटिनोपैथी के खतरों को कम करने में लाभकारी है, जिसका जोखिम मधुमेह में काफी अधिक होता है। दालचीनी का प्रयोग होता है फायदेमंद : मसाले के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले दालचीनी में शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। दालचीनी को कई अध्ययनों में कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हृदय रोगों से बचाने वाला पाया गया है। नियमित दालचीनी का सेवन इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है। शुगर को कंट्रोल बनाए रखने के लिए नियमित रूप से दालचीनी वाली चाय पीना काफी फायदेमंद हो सकता है।