पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : राज्य में पांच सीटों पर हुए उपचुनाव में बीजेपी गठबंधन ने क्लीन स्वीप किया है। भाजपा ने सामागुड़ी, बिहाली, धलाई में जीत हासिल की, जबकि एजीपी ने बंगाईगांव और यूपीपीएल ने सिडली में जीत हासिल की। सामागुड़ी निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव में सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए आखिरकार भाजपा उम्मीदवार दिप्लुरंजन शर्मा की जीत हुई। शनिवार को घोषित चुनाव नतीजों में भाजपा उम्मीदवार ने कांग्रेस उम्मीदवार और सांसद रकिबुल हुसैन के बेटे तंजिल हुसैन को 24,501 वोटों के अंतर से हराया। भाजपा उम्मीदवार दिप्लुरंजन शर्मा को 81,321 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार तंजील हुसैन को 56,820 वोट मिले। निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले अन्य उम्मीदवार आम आदमी पार्टी (आप) के नुरुल अमीन चौधरी को 934, अब्दुस सुब्बुर मियां को 196, बीरेन बसाक को 149, रब्बुल हक को 139, अब्दुल मजिद को 372, जहीरुल इस्लाम को 176, फातेमा खातून को 216, मोसब्बिर अली अहमद को 755 और शशि तांती को 681 वोट मिले। इसके विपरीत, नोटा में 1,065 वोट पड़े। एक शब्द में कहें तो सामागुड़ी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार की हार  ने साबित कर दिया कि राजनीति में सब कुछ संभव है और कब कौन उठेगा-कब कौन गिरेगा यह निश्चित नहीं है। सामागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार दिप्लुरंजन शर्मा की जीत कई कारणों से महत्वपूर्ण है। सामागुड़ी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार की जीत ने साबित कर दिया कि सत्तारूढ़ दल मुस्लिम मतदाताओं को भी आकर्षित करने में कामयाब रहा। गौरतलब है कि सामागुड़ी निर्वाचन क्षेत्र में 1985 में यूएमएफ, 1991 में कांग्रेस, 1996 में एजीपी और 2001 के बाद से कांग्रेस उम्मीदवार ने लगातार पांच विधानसभा चुनाव जीते थे। सामागुड़ी में पहली बार चुनाव में भाजपा उम्मीदवार ने जीत हासिल कर कांग्रेस का विजय रथ रोक दिया। भाजपा की जीत से सामागुड़ी में रकिबुल राज का अंत हो गया। इस बात की भी प्रबल आशंका है कि सामागुड़ी में रकिबुल हुसैन की पारिवारिक राजनीति खत्म हो जाएगी। चौबीस वर्षों तक विधायक रहने के कारण क्षेत्र में वोटों का हिसाब रकिबुल हुसैन को मालूम था। निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के बाद सामागुड़ी विधानसभा क्षेत्र की भौगोलिक संरचना पूरी तरह बदल जाएगी। रकिबुल हुसैन के लिए उन मतदाताओं का दिल जीतना और भविष्य में अपने उत्तराधिकारी के रूप में अपने परिवार से किसी को सामागुड़ी में जीत दिलाना आसान नहीं होगा। चूंकि निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्गठन के अनुसार 2026 में विधानसभा चुनाव होंगे और तदनुसार मौजूदा रूपहीहाट निर्वाचन क्षेत्र का एक बड़ा क्षेत्र नए सामागुड़ी निर्वाचन क्षेत्र में शामिल किया गया है, रूपहीहाट कांग्रेस विधायक नुरुल हुदा सामागुड़ी में चुनाव लड़ने का फैसला कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में सामागुड़ी में अपने परिवार का दबदबा कायम रखने की रकिबुल हुसैन की कोशिश नाकाम हो सकती है। पिछले लोकसभा चुनाव में धुबड़ी लोकसभा क्षेत्र में देश में सबसे बड़े अंतर और रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल करने वाले रकिबुल हुसैन के बेटे की अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में भारी अंतर से हार उसके घमंड और अहंकार को चकनाचूर करती नजर आ रही है। वहीं दूसरी ओर बिहाली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार दिगंत घटवाल ने जीत हासिल की। शनिवार को विश्वनाथ जिला आयुक्त कार्यालय में हुई मतगणना में भाजपा उम्मीदवार दिगंत घटवाल को 50,947 वोट मिले। दिगंत घटवार ने कांग्रेस उम्मीदवार जयंत बोरा को 9051 वोटों से हराया और लगभग डेढ़ साल के लिए बिहाली के विधायक बने। लंबे समय तक भाजपा का झंडा थामने वाले और बुरे दिनों में भी पार्टी की सेवा करने वाले दिगंत घटवाल की जीत के बाद इलाके में काफी खुशी का माहौल है। शनिवार को घोषित नतीजों के मुताबिक कांग्रेस प्रत्याशी जयंत बोरा को 41,896 वोट मिले। इसके अलावा सीपीआई (एम) उम्मीदवार लक्ष्मीकांत कुर्मी को 5,093 वोट मिले जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अनंत गोगोई को 1,217 वोट मिले। नोटा में 1514 वोट पड़े। शनिवार को हुई मतगणना के अनुसार धलाई निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार निहार रंजन दास ने 9,098 वोटों से जीत हासिल की। भाजपा उम्मीदवार को 69,945 और उनके निकटतम प्रतिद्वन्दी कांग्रेस उम्मीदवार ध्रुवज्योति पुरकायस्थ को 60,847 वोट मिले। बंगाईगांव विधानसभा क्षेत्र में असम गण परिषद और गठबंधन के उम्मीदवार दीप्तिमयी चौधरी को कुल 74,734 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के ब्रजेनजीत सिंह को 35,168 वोटों के अंतर से हराया। ब्रजेनजीत सिंह को कुल 39,570 वोट मिले। उपचुनाव लड़ने वाले अन्य छह उम्मीदवार को क्रमशः मृत्युंजय राभा को 1345 वोट, अनुप कुमार कर्मकार को 5013 वोट, गौतम राय को 2896 वोट, दीपक दास को 1868 वोट, भद्रेश्वर बर्मन को 1099 वोट और शैलेन्द्र सरकार को 13381 वोट मिले। यूपीपीएल के उम्मीदवार निर्मल कुमार ब्रह्म ने 31वीं सिडली आदिवासी विधानसभा उपचुनाव में 37,016 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। शनिवार को घोषित नतीजों के अनुसार सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार निर्मल कुमार ब्रह्म को 95,243 वोट मिले, जबकि बीपीएफ उम्मीदवार शुद्ध कुमार बसुमतारी को 58,227 वोट मिले।