नई दिल्ली : महाराष्ट्र और झारखंड दोनों राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 23 नवंबर को जारी किए जाएंगे। दोनों ही राज्यों में कल (शनिवार) सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। सबसे पहले बैलेट पेपर के वोट गिने जाएंगे। इसके बाद ईवीएम के वोटों की गिनती होगी। दोनों राज्यों में किसकी सरकार बनेगी, एग्जिट पोल ने भविष्यवाणी भी कर दी है। हालांकि, एग्जिट पोल के नतीजे कितने सही होंगे ये वोटों की गिनती के साथ साफ हो जाएगा। इसके अलावा असम, यूपी, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड समेत कई राज्यों की विधानसभा सीटों पर और केरल की वायनाड, महाराष्ट्र की नांदेड़ लोकसभा सीट के नतीजे भी आएंगे। बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव के अंतिम और दूसरे फेज में 12 जिलों की 38 सीटों पर वोटिंग हुई थी। वहीं, पहले चरण में 13 नवंबर को 43 सीटों पर वोट डाले गए थे। जबकि महाराष्ट्र में 20 नवंबर को सभी 288 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ था।  वहीं देश में 13 राज्यों की 46 विधानसभा सीट और महाराष्ट्र के नांदेड़ तथा केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव की मतगणना भी सुबह आठ बजे शुरू होगी। अप्रैल-मई में हुए संसदीय चुनाव के बाद से यह एक महत्वपूर्ण चुनावी प्रक्रिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा केरल की वायनाड से चुनावी मैदान में हैं। इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले उनके भाई राहुल गांधी करते थे। केरल में तीन उपचुनावों - वायनाड लोकसभा और पलक्कड़ एवं चेलाक्कारा विधानसभा सीट - में डाले गए मतों की गिनती के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। वायनाड में प्रियंका गांधी का मुकाबला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के दिग्गज नेता सत्यन मोकेरी और भारतीय जनता पार्टी की नव्या हरिदास से था। उत्तर प्रदेश में नौ सीट, राजस्थान में सात सीट, पश्चिम बंगाल में छह सीट, असम में पांच सीट, पंजाब और बिहार में चार-चार सीट, कर्नाटक में तीन सीट, मध्य प्रदेश और केरल में दो-दो सीट तथा छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड और मेघालय में एक-एक सीट पर विधानसभा उपचुनाव हुए हैं। उत्तर प्रदेश के मीरापुर, कुंदरकी, सीसामऊ, कटेहरी, फूलपुर, मझवां, गाजियाबाद, करहल और खैर सीट पर 20 नवंबर को उपचुनाव हुए। हालांकि इन नतीजों का 403 सदस्यीय राज्य विधानसभा की संरचना पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इस मुकाबले को लोकसभा चुनाव के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच पहली बड़ी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा और विपक्षी दलों ने एक-दूसरे पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।  राजस्थान में सात विधानसभा उपचुनावों में डाले गए मतों की गिनती के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रेगिस्तानी राज्य में झुंझुनू, रामगढ़, दौसा, देवली-उनियारा, खींवसर, सलूंबर और चौरासी सीट पर 13 नवंबर को उपचुनाव हुए थे। पंजाब में गिद्दरबाहा, डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल (अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित) और बरनाला विधानसभा सीट पर बुधवार को उपचुनाव हुए थे। मौजूदा विधायकों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उपचुनाव जरूरी हो गए थे। पंजाब में यह मुकाबला सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) और मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए अग्निपरीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है, जिनकी सरकार ने अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे कर लिए हैं। कांग्रेस और भाजपा दो अन्य मुख्य दावेदार हैं। कर्नाटक में 13 नवंबर को संदूर, शिग्गांव और चन्नपटना विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनावों में सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा-जद(एस) गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।  छत्तीसगढ़ में रायपुर शहर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के लिए भी वोटों की गिनती की जाएगी। यहां 13 नवंबर को मतदान हुआ था। इस सीट पर भाजपा के विधायक और राज्य के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था। पश्चिम बंगाल में सिताई, मदारीहाट, नैहाटी, हरोआ, मेदिनीपुर और तालडांगरा विधानसभा क्षेत्रों में 13 नवंबर को उपचुनाव हुए थे। इनमें से पांच निर्वाचन क्षेत्र दक्षिण बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के गढ़ में हैं, जबकि मदारीहाट राज्य के उत्तरी हिस्से में भाजपा का गढ़ बना हुआ है। उत्तराखंड में केदारनाथ विधानसभा सीट पर भी 20 नवंबर को उपचुनाव हुए थे। रुद्रप्रयाग जिले की यह विधानसभा सीट जुलाई में भाजपा विधायक शैला रानी रावत के निधन के बाद खाली हुई थी। असम में ढोलाई, सिदली, बंगाईगांव, बिहाली और सामगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों, बिहार में तरारी, रामगढ़, इमामगंज और बेलागंज, गुजरात में वाव, मध्य प्रदेश में विजयपुर और बुधनी और मेघालय में गमबेग्रे में भी उपचुनाव हुए थे।