भारतीय किचन में अजवायन का खूब इस्तेमाल किया जाता है। ये कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इसमें कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। इसकी एंटीफंगल, एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज पाचन से जुड़ी समस्याओं से निजात दिलाने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसकी खुशबू से सर्दी जुकाम भी ठीक हो सकता है। आइए, जानते हैं इसके फायदे-

1) अजवाइन पेट की समस्याओं से निपटने में मदद कर सकता है। यह एसिडिटी, अपच और पेट फूलने जैसी अलग-अलग पाचन समस्याओं के इलाज में फायदेमंद होता है। अजवाइन एक्टिव एंजाइम गैस्टि्रक जूस के स्राव में सुधार करके पाचन को बढ़ावा देने में मदद करता है। अजवाइन के बीज के अर्क का इस्तेमाल पेट और आंत के घावों को ठीक करने और पेप्टिक अल्सर के इलाज में मददगार है।

2) अजवाइन हानिकारक बैक्टीरिया और फंगी के विकास को रोकता है। रिपोर्ट्स कहती हैं कि अजवाइन के बीज ई. कोली और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं। जब इसे कुच कर इंफेक्शन पर लगाया जाता है तो यह संक्रमण को ठीक करता है और घावों का इलाज करता है।

3) रिपोर्ट्स बताती हैं कि अजवाइन खांसी से तुरंत राहत देता है। यह बलगम को आसानी से बाहर निकालकर नाक की रुकावट को भी दूर करता है। अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी सांस संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए गुड़ के साथ अजवाइन का पाउडर बनाएं और इस मिक्स को दिन में दो बार लें।

4) अजवायन में एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में बेहद फायदेमंद है। इसे खाने से रुमेटीइड गठिया जैसी पुरानी ऑटोइम्यून सूजन संबंधी बीमारियों की संभावना कम हो जाती है, जो वात दोषों के बिगड़ने से होती है। 

दादी-नानी के बताए तरीके से ठंड में खाएं अजवायन- दादी-नानी के बताए तरीके से अगर आप ठंड में अजवायन खाते हैं तो कई समस्याओं से निपटने में मदद करता है। इसे खाने के लिए पिसी हुई अजवाइन, घी, बूरा, सोंठ पाउडर को एक साथ मिलाएं और फिर इसे खाएं। इसके अलावा एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवायन को उबालें। जब ये पानी आधा रह जाए तो इसे एक कप में छान लें और फिर इसमें एक चुटकी काला नमक डालकर चाय की तरह पीएं।