पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : ऐसा लगता है कि गुवाहाटी शहर के नागरिक बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं हैं। गुवाहाटी शहर में नाम के लिए पुलिस आयुक्तालय तो बना, लेकिन पुलिस शहरवासियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही। कारण कि अब स्मार्ट चोरों ने स्मार्ट सिटी पुलिस के नाम में दम कर रखा है। स्मार्ट चोरों के आतंक के कारण स्मार्ट सिटीवासियों को भयभीत होकर त्राहि मधुसूदन स्मरण करना पड़ रहा है। शहर में स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि नागरिक दिन के उजाले में 2-3 घंटे तक घर में ताले लगाकर बाहर नहीं जा सकते। चोरों की चालाकी के कारण पुलिस भी भ्रमित है। उल्लेखनीय है कि गुवाहाटी शहर में पिछले 8 महीनों में लगभग 1,500 चोरियां हुईं। इस साल जनवरी से अगस्त तक शहर के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कुल 1,439 चोरी के मामले दर्ज किए गए। इनमें से दिसपुर पुलिस स्टेशन में सबसे ज्यादा 324 चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि दिसपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र राज्य में सर्वोच्च सुरक्षा क्षेत्र के रूप में चिह्नित है, लेकिन चोर पुलिस के अस्तित्व को नकारते हुए दिसपुर में हर रात सफाई अभियान चला रहे हैं। दिसपुर पुलिस मंत्रियों और विधायकों की सुरक्षा में व्यस्त रहने के कारण चोर आम लोगों के घरों में बिना किसी रोक-टोक के चोरियां कर रहे हैं। इलाके के निवासियों ने दिसपुर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी से शिकायत करने के बावजूद उन्हें कोई सुरक्षा नहीं मिली है। पुलिस आयुक्त के अनुसार दिसपुर थाने के बाद चोरी के 195 मामलों के साथ बशिष्ठ पुलिस स्टेशन दूसरे स्थान पर है। इसी तरह चोरी के 141 मामले के साथ पल्टन बाजार थाना तीसरे स्थान पर है। पिछले 8 महीनों में जालुकबाड़ी पुलिस स्टेशन में 119, हातीगांव पुलिस स्टेशन में 85, फाटासिल आमबाड़ी पुलिस स्टेशन में 64, भांगागढ़ पुलिस स्टेशन में 61, गढ़चुक पुलिस स्टेशन में 66 और चांदमारी पुलिस स्टेशन में 68 चोरी के मामले दर्ज किए गए। उसी तरह नूनमाटी, सातगांव, लताशिल, सोनापुर, खेत्री और अजारा थाने में भी चोरी के मामले दर्ज हैं। गुवाहाटी में खासतौर पर त्योहारों के दौरान बहुत चोरी होती है। गुवाहाटी शहर अब अन्य जिलों के साथ-साथ बाहर के राज्य से आए पेशेवर चोरों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है। इसके अलावा कुछ नशीली दवाओं और शराब के आदी भी आसानी से पैसा कमाने की उम्मीद में चोरी में शामिल होते हैं। कुल मिलाकर चोरों की लूट और झपटमारों के आतंक के कारण महानगरवासी अपने घरों से बाहर निकलने की साहस न करने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। स्मार्ट चोर न केवल स्मार्ट पुलिस की दोषपूर्ण प्रकृति को उजागर कर रहे हैं, बल्कि चोरों और पुलिस की मिलीभगत पर भी सवाल उठ रहे हैं। चोरों के खिलाफ पुलिस के सख्त नहीं होने के वजह से पकड़े गए चोर जमानत पर छूटने के बाद फिर से चोरी की वारदात को अंजाम देते हुए देखे गए हैं। पुलिस से न्याय और चोरी हुए सामान की बरामदगी की उम्मीद न होने पर कई लोग चोरी के बाद पुलिस में शिकायत करने से कतराते हैंै। यह भी आरोप हैं कि कुछ पुलिस छोटी-मोटी चोरियों के मामले दर्ज नहीं करतीं। रविवार रात गुवाहाटी में कई जगहों पर चोरी हुई। हेंगराबाड़ी के पूर्वांचल नगर में सुमित्रा महंत नामक एक अकेली महिला के घर में घुस कर लुटेरे सोने के आभूषण समेत नकदी चुरा ले गए। इस दौरान लुटेरों ने गुवाहाटी के गणेश मंदिर के पास स्थित एएसईबी आवास में भी हाथ साफ किया। लुटेरों ने अबुल कासेम नामक एक बिजली कर्मचारी के घर पर किसी के नहीं होने का फायदा उठाया और एलपीजी सिलेंडर और नकदी लूट ली।
स्मार्ट चोरों के कारण मुसीबत में स्मार्ट सिटी गुवाहाटी के लोग