पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : सभी विवादों और आशंकाओं को समाप्त करते हुए दिखलीपुखुरी फ्लाईओवर का नक्शा बदल दिया गया। गुवाहाटी के जागरूक नागरिक समाज और छात्र समुदाय के विरोध के बाद मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने दिखलीपुखुरी फ्लाईओवर पर लचीला रुख अपनाया। दिघलीपुखुरी-नूनमाटी फ्लाईओवर के निर्माण के नाम पर राज्य सरकार ने 25 सौ साल पुराने पेड़ काटने का फैसला किया था जिसके बाद विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला चल पड़ा। सीएम डॉ.शर्मा ने पेड़ों को  काटे बिना विकल्प खोजने का वादा किया था, लेकिन नागरिक समाज उनके आश्वासन से संतुष्ट नहीं था और विरोध प्रदर्शन जारी रखा था। मंगलवार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा था कि वह दिघलीपुखुरी में पेड़ नहीं काटेगी। हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद सीएम डॉ. शर्मा ने मंगलवार रात दिघलीपुखुरी निर्माण स्थल का दौरा किया करने के बाद फ्लाईओवर के डिजाइन में बदलाव की घोषणा की। सीएम ने यह भी घोषणा की कि फ्लाईओवर दिघलीपुखुरी को स्पर्श नहीं करेगा। इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने प्रमुख विचारक हीरेन गोहाई की आलोचना करते हुए कहा कि वे गुवाहाटी का विकास नहीं चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने फ्लाईओवर के लिए रोटरी क्लब में स्थापित साहित्यिक नायक लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा की मूर्ति को हटाने की आशंका व्यक्त की थी। सीएम ने मीडिया को दिघलीपुखुरी में पेड़ों और फ्लाईओवर के बारे में बताते हुए कहा कि लोक निर्माण विभाग ने शुरू से ही पेड़ों को काटने का कोई निर्णय नहीं लिया था। आजकल बड़े पेड़ों को दोबारा लगाने का नया नियम बना है। तकनीक की मदद से पेड़ को खूबसूरती से उखाड़कर अलग जगह पर लगाया जाता है। जिन लोगों ने कहा था कि लोक निर्माण विभाग दिघलीपुखुरी में पेड़ों को काटना चाहता है, उनकी बात शुरू से ही तथ्यों पर आधारित नहीं थी। मैंने गुवाहाटी हाई कोर्ट को भी सूचित कर दिया है। सीएम ने कहा कि छह महीने से मैं देख रहा हूं कि एक खास वर्ग के कुछ लोग इस मुद्दे पर बहस करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बात को लेकर भी विवाद शुरू किया गया है कि यहां से लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा की मूर्ति हटा दी जाएगी। यह भी सही नहीं है। कारण कि फ्लाईओवर ऊपर से जाएगा, लक्ष्मीनाथ बेजबरुवा की प्रतिमा नीचे यथावत रहेगी। कुछ लोग अनावश्यक रूप से सरकार को विकासोन्मुख और विकासोन्मुख कार्यों से भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने आगे कहा कि चूंकि मैंने सार्वजनिक वादा किया था कि हम पेड़ों को नहीं काटेंगे और उन्हें दोबारा नहीं लगाएंगे। इसलिए हमने लोक निर्माण विभाग से पूछा कि हम इसे कैसे ठीक कर सकते हैं। अब हमने तय किया है कि जब फ्लाईओवर बनेगा तो वह दिघलीपुखुरी के पास उतरेगा। अगर लोगों को नूनमाटी जाना है तो वे लैंब रोड से फ्लाईओवर पर चढ़ेंगे। फ्लाईओवर दिघलीपुखुरी की ओर हैंडिक कॉलेज की ओर नहीं जाएगा। इसलिए पेड़ों को काटना या दोबारा लगाना नहीं पड़ेगा। इससे फ्लाईओवर का काम जल्दी ही पूरा हो जाएगा।