डिब्रूगढ़ : असम की सत्ताधारी पार्टियों में से एक असम गण परिषद (अगप) चालीस साल की  हो गई है, इसको लेकर पार्टी की ओर चबुआ के जेराईगांव में एक केंद्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो एक तरह से अगप का शक्ति प्रदर्शन होगा। बताते चलें कि  39 साल पहले गोलाघाट में असम गण परिषद नामक एक क्षेत्रीय पार्टी का जन्म हुआ था। असम गण परिषद का जन्म ऐतिहासिक असम आंदोलन के परिणामस्वरूप हुआ था। इसके बाद अगप राज्य में दो बार सरकार बनाने में भी सफल रही। बताते चलें कि 14 अक्टूबर, 1985 को  असम की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों में से एक असम गण परिषद कल यानी सोमवार को 40 साल की हो जाएगी।  मंत्री, सांसद और विधायक एजीपी डिब्रूगढ़ जिला समिति और तिनसुकिया जिला समिति के सहयोग  से आयोजित होने वाले क्षेत्रीय राजनीतिक दल के स्थापना दिवस में भाग लेंगे। असम की मुख्य क्षेत्रीय पार्टी का 40वां स्थापना दिवस जेराईगांव में मनाया जाएगा। स्थापना दिवस की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्थापना दिवस में राज्य के विभिन्न हिस्सों से विभिन्न स्तरों के लगभग 30,000 नेता और कार्यकर्ता भाग लेंगे। अगप की स्थापना दिवस के केंद्रीय समारोह में ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड के माध्यम से सदस्यता अभियान शुरू करेगा। एजीपी अध्यक्ष और मंत्री अतुल बोरा पहले ही कह चुके हैं कि एजीपी अब विधानसभा चुनावों के लिए ताकत बढ़ाएगी।  एजीपी नेतृत्व फिर से सुबह होने के संकल्प के साथ सदस्यता अभियान शुरू करेगा।  साथ ही असम गण परिषद के संगठनात्मक आधार को कैसे मजबूत किया जाए ताकि वह आगामी विधानसभा चुनाव, पंचायत, परिषद आदि में असम को आगे ले जा सके।