पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : माजुली-जोरहाट पुल का निर्माण कार्य पांच दिनों से बंद है। अब निर्माण कार्य कब से फिर शुरू होगा, इसका कोई तथ्यात्मक जवाब नहीं है। पुल को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है लेकिन अब पुल के निर्माण में देरी हो रही है। यह ठहराव अब माजुली के लोगों को चिंतित कर रहा है। माजुली-जोरहाट पुल परियोजना माजुली के लोगों के लिए आशा लेकर आई थी। 2021 के 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पुल की आधारशिला रखने के आठ महीने बाद उसी वर्ष 29 नवंबर से पुल का निर्माण कार्य शुरू  हो गया था। भारत सरकार ने पुल के लिए 925.48 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं और राज्य सरकार इस आवंटित राशि का 650.57 करोड़ रुपए माजुली में मुख्य पुल के निर्माण के लिए उपयोग करेगी।  इस निर्माण कार्य के शुरू होने से माजुली के लोगों का बहुप्रतीक्षित सपना साकार होता दिख रहा था, लेकिन पिछले पांच दिनों से पुल का निर्माण कार्य ठप है। प्रतिदिन 300 से अधिक श्रमिक,  विभिन्न तकनीकी वाहन और मशीनों आदि से मुखर रहे माजुली के दक्षिणपाट के पुल निर्माण स्थल पर अब माहौल एकदम शांत है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित इस पुल के निर्माण के लिए लखनऊ की यूबी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन को ठेका दिया गया था। यूबी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन ने बीआरसी नामक एक अन्य कंपनी को उप-ठेकेदार के रूप में काम का दायित्व दिया था। बीआरसी नामक कंपनी ठीक काम करती रही, लेकिन पिछले पांच दिनों से निर्माण कार्य बंद रहने के कारण माजुली के निवासियों की चिंता बढ़ गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने माजुली-जोरहाट पुल का निर्माण पूरा कर लोगों को सौगात देने के लिए 2026 तक की समय-सीमा तय की थी। हालांकि, निर्माण में देरी से पुल के निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा होने पर संदेह उत्पन्न हो गया है। सरकारी समझौता ज्ञापन के अनुसार जोरहाट और माजुली को जोड़ने वाला 925 करोड़ रुपए की कुल लागत पर 8 किमी लंबा पुल का निर्माण चार साल के अंदर पूरा होना है। सरकार की घोषणा के अनुसार  2021 में नवंबर में निर्माणकार्य शुरु करने के बाद पुल 48 महीने के भीतर पूरा हो जाने वाला था, लेकिन बाद में विभिन्न कारणों से हो रही देरी के कारण मुख्यमंत्री ने माजुली के लोगों को आश्वासन दिया था कि पुल का निर्माण 2026 तक पूरा हो जाएगा। माजुली के लोगों ने पुल का निर्माण रुक जाने को आसानी से पचा पा रहे  हैं। इस प्रकार पुल का निर्माण अचानक अनिश्चित काल के लिए निलंबित हो जाने पर 2026 तक यह पूरा हो जाएगा इस पर माजुली के लोगों के साथ विभिन्न दलों और संगठनों ने भी संदेह जताया है। माजुली के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और पुल को समय पर पूरा करने में अहम भूमिका निभानी चाहिए।