पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटी : पूरे राज्य में अवैध ऑनलाइन के जरिए आम लोगों की गाढ़ी कमाई की लूट मची है। अब एक के बाद एक मामले सामने आने के  कारण सूबे के मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि यह वित्तीय घोटाला व्यापक पैमाने पर हुआ है। जरूरत पड़ी तो इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से करने की सिफारिश कर सकते हैं। शनिवार को दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डा. शर्मा ने कहा कि असम पुलिस इस पूरे प्रकरण को देख रही है। अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, अगर बाद में जरूरत पड़ी तो सरकार राज्य में उजागर हुए अवैध ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले की सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा  कि घोटाले के संबंध में अब तक 59 गिरफ्तारियां की गई हैं 22 लुक-आउट सर्कुलर जारी किए गए हैं और 14 विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कई ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनियां सेबी या आरबीआई दिशा-निर्देशों का पालन किए बिना राज्य में संचालित हुईं, जिससे निवेशकों को काफी नुकसान हुआ। इन फर्मों में शामिल कई व्यापारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है,जबकि अन्य अभी भी बड़े पैमाने पर हैं। उन्होंने कहा कि असम पुलिस ने अवैध ऑनलाइन ट्रेडिंग के मामलों की निगरानी के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। प्रवर्तन निदेशालय और आयकर को विश्वास में लिया गया है। जिला स्तर पर जिला पुलिस इसे संभाल रही है और सीआईडी इससे निपट रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो असम सरकार सीबीआई जांच की भी सिफारिश करेगी। यह पूछे जाने पर कि कुछ कथित सरगना अब तक पुलिस की गिरफ्त से कैसे बच निकले हैं, सीएम ने जवाब दिया कि कोई भी लंबे समय तक पुलिस से बच नहीं सकता है। उल्लेखनीय है कि इस मौके पर डीजीपी जीपी सिंह ने किसी तरह की विशेष जानकारी देने से इंकार कर दिया।