आपने रोड पर बहुत से कलर (रंग) की गाड़ियों को दौड़ते हुए देखा होगा। लेकिन स्कूल बस को सिर्फ पीले रंग में ही देखा होगा। पीले रंग की स्कूल बस का चलन सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया के ज्यादातर देशों में है। लगभग हर देश में पीले रंग की ही स्कूल को संचालित किया जाता है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर स्कूल बस का रंग पीला ही क्यों होता है? कोई दूसरा कलर क्यों नहीं। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से बताएंगें कि स्कूल बस को आखिर पीले रंग से ही क्यों पेंट किया जाता है और क्यों किसी और रंग का इस्तेमाल नहीं किया जाता।      

कुछ खास वजह  : आपने देखा ही होगा स्कूल बस का कलर पीला ही होता है। आप जानते ही होंगे कि हर रंग की एक क्वालिटी होती है वैसे ही स्कूल बस का पीले रंग के होने में खास वजह है। दरअसल, लाल रंग के बाद पीला रंग एक ऐसा रंग है जिसे हम आसानी से काफी दूर से भी देख सकते हैं। चूंकि लाल रंग को हम खतरे के सूचक के रुप में इस्तेमाल करते हैं इसलिए स्कूल बस का रंग पीला होता है। वहीं, विशेषज्ञों के मुताबिक पीले रंग का रुड्डह्लद्गह्म्ड्डद्य क्कद्गह्म्द्बश्चद्धद्गह्म्ड्डद्य ङ्कद्बह्यद्बशठ्ठ लाल रंग की तुलना में 1.24 गुना ज्यादा है। इसका मतलब है कि बाकी रंगों की तुलना में पीले रंग में 1.24 गुना ज्यादा आकर्षण होता है। और किसी भी दूसरे रंग की तुलना में यह जल्दी दिखाई देता है। 

विजिबिलिटी में नहीं है तोड़ : इसके अलावा पीले रंग को हर मौसम में आसानी से देखा जा सकता है। चाहें वो बारिश, कोहरा, कोई भी सीजन हो, पीले रंग की विजिबिलिटी बेहद अच्छी होती है। साथ ही पीले रंग की एक अलग विशेषता यह भी है कि वो सबसे पहले आपका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करता है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि अमरीका ने सन 1930 में इस बात की पुष्टि की थी कि और रंगों की अपेक्षा पीले रंग में ज्यादा अट्रेक्शन होता है।