पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गुवाहाटी में कृत्रिम बाढ़ को रोकने के लिए नीदरलैंड के एक फर्म को ठेका मिला है। गौरतलब है कि गुवाहाटी में कृत्रिम बाढ़ रोकने में विभागीय मंत्री अशोक सिंघल ने तो हाथ खड़े कर दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व  शर्मा ने भी शहर में  कृत्रिम बाढ़ के लिए मेघालय की शैक्षणिक संस्था यूएसटीएम पर बाढ़ जिहाद छेड़ने का खुलेआम आरोप लगाया। हालांकि, गुवाहाटी को कृत्रिम बाढ़ से मुक्त करने के अपने चुनावी वादे पर सत्ता में आई भाजपा सरकार शहर में बाढ़ की समस्या को हल करने में विफल रहने के बाद इस बार डच ठेकेदार से मदद लेने को तैयार  हैं। गौरतलब है कि बाढ़ प्रबंधन कौशल के लिए नीदरलैंड की दुनिया भर में प्रतिष्ठा है। नीदरलैंड ने दुनिया भर के कई शहरों में कृत्रिम बाढ़ को रोकने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसलिए असम सरकार ने कृत्रिम बाढ़ को रोकने के लिए गुवाहाटी में जल निकासी प्रणाली के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए नीदरलैंड की एक इंजीनियरिंग फर्म रॉयल हास्कोनिंग डीएचवी को ठेका देने का फैसला किया है। गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने शहर की जल निकासी व्यवस्था के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। निविदा के अनुसार नीदरलैंड की रॉयल हास्कोनिंग डीएचवी की भारतीय शाखा का चयन किया जाएगा और असम सरकार गुवाहाटी में जल निकासी व्यवस्था के लिए डीपीआर तैयार करने के लिए 21 अगस्त को नई दिल्ली में ठेकेदारी प्रतिष्ठान के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगी।