पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : गुवाहाटी में कृत्रिम बाढ़ ने सोमवार को अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार गुवाहाटी महानगर में दो घंटे तक हुई भारी बारिश से समुद्र जैसा माहौल बन गया। 36 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक स्मार्ट सिटी गुवाहाटी को बाढ़ से मुक्ति नहीं मिल पाई है। भारी बारिश के कारण बच्चे, युवा, वृद्ध, पुरुष, महिला सहित सभी प्रकार के लोग सड़कों पर कई घंटों तक फंसे रहे। कृत्रिम बाढ़ मुक्त शहर के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुवाहाटी के लोगों को दो घंटे की बारिश में ही अप्रत्याशित स्थिति का सामना करना पड़ा। विडंबना यह है कि केंद्र सरकार ने लगभग 8 साल पहले गुवाहाटी को स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल किया गया था। गुवाहाटी स्मार्ट सिटी मिशन के विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 812 करोड़ रुपए आवंटित किए थे। हालांकि इसमें से गुवाहाटी को कृत्रिम बाढ़ से मुक्त करने के लिए कुछ भी खर्च नहीं किया गया। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के पास गुवाहाटी के विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए कोई रास्ते नहीं मिले तो उन्होंने आबंटित धन मठ-मंदिरों के विकास पर खर्च किया। स्मार्ट सिटी परियोजना ने गुवाहाटी के लोगों की किसी भी बुनियादी समस्या का समाधान नहीं किया। गुवाहाटी को कृत्रिम बाढ़ से बचाने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वैज्ञानिक परियोजनाओं को लागू किया जाना था। लेकिन इसके विपरीत स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत दक्षिणपाट सत्र, उमानंद मंदिर, अश्वक्लांत मंदिर के विकास, कलाक्षेत्र के सौंदर्यीकरण, गांधी मंडप की मरम्मत और जज फील्ड के विकास पर कुल 812 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
केंद्रीय गृह और शहरी विकास मंत्रालय के अनुसार गुवाहाटी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 811.98 करोड़ रुपए की लागत से कुल 21 परियोजनाएं लागू की गई हैं। इनमें से 32.23 करोड़ रुपए की लागत वाली 2 परियोजनाएं अभी भी चल रही हैं। हालांकि, 722.42 करोड़ रुपए की लागत से 19 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। गुवाहाटी के निवासी कांग्रेस सरकार के समय से ही कृत्रिम बाढ़ से पीड़ित हैं। लेकिन शहरवासियों की मुख्य बुनियादी समस्या के समाधान के लिए एक भी परियोजना क्यों नहीं शुरू की गई यह एक रहस्य है। केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के लिए 2022-23 में 147 करोड़ रुपए और 2023-24 में 147 करोड़ रुपए जारी किए थे। इसके अलावा पिछले दो वित्तीय वर्षों में केंद्र सरकार से 490 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अब तक ब्रह्मपुत्र तटों के सौंदर्यीकरण के लिए 327.30 करोड़ रुपए, 200 इलेक्टि्रक बसों के लिए 260.77 करोड़ रुपए, यातायात प्रबंधन प्रणाली के लिए 78.44 करोड़ रुपए, प्रोजेक्ट ज्योति स्ट्रीट लाइट की स्थापना के लिए 14.57 करोड़ रुपए खर्च किए गए। इसके अलावा दक्षिणपाट सत्र के विकास के लिए 14.32 करोड़ रुपए, उमानंद मंदिर के विकास के लिए 14.02 करोड़ रुपए, अश्वक्लांत मंदिर के विकास के लिए 10.82 करोड़ रुपए, कलाक्षेत्र में लाइट एंड साउंड शो के नाम पर 8.28 करोड़ रुपए, कलाक्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए 4.96 करोड़ रुपए, गांधी मंडप विकास हेतु 7.39 करोड़ रुपए, 100 सीएनजी बसों की खरीद के लिए 29 करोड़ रुपए, जज फील्ड के विकास के नाम पर 7.66 करोड़ रुपए खर्च किए गए। लेकिन गुवाहाटी के लोगों की हमेशा बनी रही मूल समस्या कृत्रिम बाढ़ के नाम पर कोई परियोजना स्वीकार नहीं की गई। इसलिए, स्मार्ट सिटी परियोजना सिर्फ एक प्रहसन बनकर रह गई।