पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : राज्य सरकार अपने राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए फिर से कर्ज लेने को तैयार है। असम सरकार महज एक पखवाड़े में दूसरी बार 1,000 करोड़ रुपए उधार लेगी। असम सरकार 7 अगस्त को रिजर्व बैंक के जरिए स्टॉक की नीलामी कर कर्ज लेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पहले ही 15 वर्षों के लिए स्टॉक नीलामी के लिए निविदाएं आमंत्रित कर चुका है। गौरतलब है कि इससे पहले असम सरकार ने 23 जुलाई में 1,000 करोड़ रुपए उधार लिए थे। कहने की जरूरत नहीं है कि असम सरकार को वित्तीय संकट के कारण बार-बार उधार लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वित्त विभाग के अनुसार असम सरकार ने चालू वित्त वर्ष के पहले 4 महीनों में अब तक लगभग 5,000 करोड़ रुपए उधार लिए हैं। अगर असम सरकार 7 अगस्त में 1,000 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेती है, तो असम सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़कर 1,55,000 करोड़ रुपए हो जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक असम सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपए उधार लिए थे। उसी प्रकार चालू वित्त वर्ष के 4 अप्रैल में 1,000 करोड़ रुपए, 30 अप्रैल को 1,000 करोड़ रुपए, 28 मई को 1,000 करोड़ रुपए और 23 जुलाई को 1,000 करोड़ रुपए रिजर्व बैंक के माध्यम से उधार लेने के अलावा पिछले 8 जून में कैबिनेट बैठक में नाबार्ड से अतिरिक्त 634.53 करोड़ रुपए का ऋण लेने का निर्णय लिया था। ऐसी अफवाहें भी हैं कि राज्य सरकार का खजाना खाली हो जाने पर केवल अरुणोदय लाभार्थियों को संतुष्ट करने के लिए यह ऋण लिया गया है। असम सरकार वोट बैंक के हित में अरुणोदय लाभार्थियों को संतुष्ट करने के लिए प्रति माह 385.27 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। गौरतलब है कि राज्य सरकार वर्तमान में अरुणोदय योजना के तहत लगभग 84 लाख लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है लेकिनमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जल्द ही अतिरिक्त 20 लाख लाभार्थी बनाए जाएंगे। इसके अलावा सरकार ने 30,000 युवाओं में से प्रत्येक को 1 लाख रुपए की सहायता प्रदान करने के लिए एक और लाभार्थी योजना की भी घोषणा की है। स्वाभाविक रूप से सरकार को इन लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने के लिए बार-बार ऋण लेना पड़ा है।
राज्य सरकार फिर से 1,000 करोड़ लेगी उधार