हिन्दू धर्म में हर साल कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन कठिन व्रत का पालन करने और विधान से पूजा-अर्चना करने से लोगों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इस बार कामिका एकादशी 31 जुलाई को मनाई जाएगी। कामिका एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत सावन मास के कृृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन के पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कामिका एकादशी पर क्या करें

-कामिका एकादशी के दिन भक्तों को सच्ची श्रद्धा से विष्णुजी और मां लक्ष्मी और भोलेनाथ की आराधना करें।

-इस दिन सात्विक भोजन का सेवन करें, लेकिन चावल का सेवन करने से बचें।

-एकादशी व्रत में ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें। वरना आपका व्रत टूट सकता है।

-अपने से बड़े-बुजुर्गों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल न करें। इससे उनका अपमान होता है।

-कामिका एकादशी का दिन दान-पुण्य के कार्यों के लिए बेहद शुभ माना गया है।

-शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और विष्णुजी के मंत्रों का जाप करें।

कामिका एकादशी पर क्या न करें

-कामिका एकादशी के दिन व्रत रखने वालों को काले रंग कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

-एकादशी के दिन चावन खाना वर्जित माना गया है। इसलिए भूल से ही इस दिन चावल का सेवन न करें।

-कामिका एकादशी को तुलसी के पौधे पर जल न चढ़ाएं क्योंकि इस दिन मां तुलसी विष्णुजी के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।

-इस दिन तुलसी का पत्ता भी नहीं तोड़ना चाहिए। इससे मां लक्ष्मी की कृृपा प्राप्त नहीं होती है।

 -कामिका एकादशी के दिन तुलसी को गंदे या फिर जूठे हाथों से स्पर्श न करें।