सावन का महीना भगवान शिव को प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव संग मां पार्वती की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त सावन सोमवार का व्रत और मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। मंगला गौरी व्रत सावन महीने में हर मंगलवार को रखा जाता है। यह व्रत विवाहित महिलाएं सुख और सौभाग्य में वृद्धि और संतान प्राप्ति के लिए रखती हैं। वहीं, अविवाहित लड़कियां शीघ्र विवाह के लिए करती हैं। ज्योतिषियों की मानें तो मंगला गौरी व्रत पर दुर्लभ भद्रावास योग समेत कई अन्य मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में शिव-शक्ति की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते हैं-
भद्रावास योग : सावन माह के दूसरे मंगल पर भद्रावास योग का निर्माण हो रहा है। यह योग संध्याकाल 04 बजकर 44 मिनट तक है। इस दौरान भद्रा स्वर्ग में रहेंगी। भद्रा के स्वर्ग और पाताल में रहने के दौरान भगवान शिव की उपासना करने से साधक को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी बिग? कार्य भी बन जाते हैं। वृद्धि योग : सावन माह के दूसरे मंगलवार पर वृद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग दोपहर 03 बजकर 56 मिनट तक है। इसके बाद ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है। इन दोनों योग में भगवान शिव संग मां पार्वती की पूजा करने से व्रती को अक्षय और अमोघ फल की प्राप्ति होगी।
सर्वार्थ सिद्धि योग : मंगला गौरी व्रत पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है। इस योग का निर्माण प्रातः काल 05 बजकर 57 मिनट से हो रहा है। वहीं, इसका समापन सुबह 10 बजकर 23 मिनट पर हो रहा है। इस समय में साधक मां पार्वती एवं भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। इस दिन कृत्तिका एवं रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है।