पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : ऑल खासी मेघालय टूरिस्ट टैक्सी ड्राइवर्स एसोसिएशन द्वारा असम में पंजीकृत टैक्सियों को मेघालय में परिचालन से रोकने के बाद दोनों पड़ोसी राज्यों में तनाव जारी है। मेघालय टूरिस्ट ड्राइवर्स एसोसिएशन की रुकावट के कारण असम सहित अन्य राज्यों के पर्यटकों ने मेघालय में अपनी होटल बुकिंग और पर्यटक टैक्सियों की अग्रिम बुकिंग वापस ले ली है। असम में टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध लगाने से मेघालय को भारी नुकसान होता दिख रहा है। गौरतलब है कि शिक्षण संस्थानों में जारी गर्मी की छुट्टी और इसके अलावा राज्य में भीषण गर्मी से कुछ राहत पाने के लिए कई लोग प्रकृति का एक खूबसूरत स्थान मेघालय की ओर रुख कर रहे हैं। शिलांग, चेरापूंजी, डौकी आदि में होटल अब असम और बाहर के राज्यों के पर्यटकों से भर गए हैं। हालांकि, मेघालय के ऑल खासी ड्राइवर्स एसोसिएशन ने हाल ही में असम से पर्यटकों को ले जाने वाली टैक्सियों को चेरापूंजी के प्रवेश द्वार में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर राज्य के पर्यटन मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने यह भी शर्त लगाया था कि पर्यटकों को मेघालय में चेरापूंजी के प्रवेश द्वार से स्थानीय टैक्सियों में यात्रा करनी पड़ेगी। हालांकि, इस मांग पर व्यापक प्रतिक्रिया होने पर मेघालय के पर्यटन मंत्री पॉल लिंगवु ने स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी परिस्थिति में बाहरी राज्यों के वाहनों को मेघालय में यात्रा करने से प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा। लेकिन सरकार की ओर से समर्थन न मिलने के बावजूद ऑल खासी मेघालय टूरिस्ट ड्राइवर्स एसोसिएशन (एकेएमटीडीए) ने शुक्रवार को चेरापूंजी-माओलीलांग प्रवेश द्वार पर असम की टैक्सियों को रोक दिया।
इस घटना से प्रदर्शनकारियों और असम के ड्राइवरों और पर्यटकों के बीच तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, मेघालय पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया और 10 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। मेघालय में असम की टैक्सियों और पर्यटकों पर हमले की आशंका से असम में पर्यटक और ड्राइवर घबराए हुए हैं। शुक्रवार को चेरापूंजी में असमिया वाहनों के प्रवेश को रोकने की घटना के बाद मेघालय में लगभग 30 प्रतिशत होटल-होमस्टे बुकिंग रद्द कर दी गई हैं और इससे राज्य को भारी राजस्व का नुकसान हुआ है। शुक्रवार को हुई इस घटना पर फोकस करते हुए अखिल असम छात्र संघ (आसू) और खासी छात्र संघ की बैठक में चर्चा हुई। दोनों छात्र संगठनों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि हमें असम से पर्यटकों को ले जाने वाले वाहनों को रोकने की किसी घटना की जानकारी नहीं है। ऐसी कोई भी घटना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि असम से पर्यटकों को ले जाने वाले पर्यटक वाहनों को बिना किसी बाधा के मेघालय आना चाहिए।
असम और मेघालय दोनों की सरकारों को इस मुद्दे पर गहन चर्चा करनी चाहिए और समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। दोनों संगठनों ने दोनों राज्यों की पर्यटक टैक्सी कंपनियों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध और सामान्य समझ की भावना बनाए रखने का अनुरोध किया। इसके अलावा मेघालय के एक एनजीओ सहित 7 संगठनों ने राज्य में असम के वाहनों के प्रवेश के विरोध में शुक्रवार को मेघालय में असमिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस घटना के कारण शुक्रवार को मेघालय में 30 होटलों और होमस्टे की बुकिंग रद्द कर दी गई। उन्हें यह भी डर है कि शनिवार से 50 प्रतिशत होटलों और होमस्टे की बुकिंग रद्द कर दी जाएगी। यह घटना पूरे देश में तेजी से फैल गई है और इससे मेघालय में पर्यटन उद्योग को नुकसान हुआ है।