हर माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा पाने के लिए इस दिन व्रत और पूजन किया जाता है। इस दिन मुख्य तौर पर भगवान श्रीकृष्ण के बालक स्वरूप, लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और लड्डू गोपाल की विधि विधान के साथ पूजा करने और व्रत रखने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख, शांति समृद्धि व खुशहाली आती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 27 जुलाई 2024, दिन शनिवार की रात को 9 बजकर 19 मिनट से होगा, और इसका समापन अगले दिन 28 जुलाई 2024 की रात 7 बजकर 27 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार 27 जुलाई 2024 को सावन महीने की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि : मासिक कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ सफाई करें और इसके बाद स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। अब पूजा स्थल या मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करें। अब एक चौकी लें और उसपर भगवान कृष्ण और लड्डू गोपाल की एक प्रतिमा स्थापित करें। भगवान की प्रतिमा के सामने धूप और दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान की प्रतिमा को पंचामृत, गंगाजल व पवित्र जल से स्नान कराएं। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण को गोपी चंदन व हल्दी का तिलक लगाएं। श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री और तुलसी अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री में तुलसी दल डालकर भोग अर्पित करें। अब भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना करें। भगवान कृष्ण के मंत्रों का जाप करें और कृष्ण चालीसा का पाठ करें। इस दिन श्री राधा कपाट स्तोत्र का पाठ भी करना चाहिए।