कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स के अलावा छाछ में कैल्शियम, पोटेशियम और फास्फोरस का खजाना होता है। लैक्टिक एसिड और गुड बैक्टीरिया से रिच होने के कारण भी यह आपकी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ मामलों में इसका सेवन करने से फायदा नहीं, बल्कि नुकसान हाथ लगता है! जी हां, बिल्कुल सही पढ़ा आपने। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किन लोगों को इसे पीने से परहेज करना चाहिए। आइए जानते हैं।

जोड़ों में दर्द : अगर आपको भी अक्सर जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है, तो छाछ का सेवन करने से परहेज करना ही बेहतर है। बता दें कि गठिया की बीमारी से लेकर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की समस्या से जूझ रहे लोगों को छाछ पानी भारी पड़ सकता है, क्योंकि इससे जोड़ों का दर्द या अकडऩ और भी ज्यादा बढ़ सकती है।

सर्दी-खांसी और बुखार : तासीर में ठंडा होने के कारण छाछ का सेवन सर्दी-खांसी और बुखार की समस्या में भी नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गले में खराश की परेशानी में भी छाछ पीने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह तकलीफ को और ज्यादा बढ़ा सकती है।

रूखी त्वचा : ड्राई स्किन या रूखी त्वचा से परेशान लोगों को भी ज्यादा छाछ नहीं पीनी चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद एसिड्स त्वचा पर खुजली, जलन या अन्य समस्याओं की वजह बन सकते हैं। इसके अलावा डैंड्रफ को रोकने के लिए भी छाछ का इस्तेमाल खूब किया जाता है, जो कि स्कैल्प की स्किन को ड्राई बनाकर बालों को नुकसान पहुंचा सकता है।

हार्ट के मरीज : दिल से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए भी छाछ का सेवन अच्छा नहीं माना गया है। जानकारी के लिए बता दें कि इसमें सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जो कि कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बिगाडऩे का काम कर सकता है। ऐसे में, अगर आपको पहले से बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो इसके सेवन से बचें।