अगर आप पेट की बीमारियों, गठिया, खांसी, अस्थमा, दांत में दर्द डायबिटीज, बीपी यहां कि खतरनाक दिल की बीमारियों और कैंसर के मरीज हैं, तो आप ज्यादा आराम पाने के लिए दवाओं के साथ-साथ भुने लहसुन और लौंग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लौंग और लहुसन का इस्तेमाल खाना बनाने में किया जाता है। इन दोनों मसालों को इनके औषधीय गुणों की वजह से आयुर्वेद में बड़ा दर्जा प्राप्त है। इन दोनों चीजों में जिंक, सेलेनियम, मैंगनीज और विटामिन सी जैसे तमाम पोषक तत्व पाए जाते हैं। कपिल त्यागी आयुर्वेद क्लिनिक के डायरेक्टर कपिल त्यागी के अनुसार, लौंग और लहसुन में खांसी और जुकाम जैसी छोटी बीमारी से लेकर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी साइलेंट किलर बीमारियों का इलाज और रोकथाम करने की ताकत है। लौंग और लहसुन को भूनकर खाने से आपको ज्यादा फायदे मिल सकते हैं।
भुने हुए लौंग पाचन एंजाइमों को बनाने में मदद करते हैं, जिससे पाचन क्रिया तेज होती है और पेट फूलना और गैस जैसी समस्याएं कम हो जाती हैं। लौंग में यूगेनॉल नामक तत्व होता है, जिसमें पावरफुल एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह शरीर में सूजन को कम करके गठिया के लक्षणों को कम करता है। लौंग में मौजूद एसेंशियल ऑयल में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। इसके उपयोग से दांत-मसूड़ों की समस्याओं का इलाज होता है। लौंग में मौजूद यूगेनॉल एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है।
भुने हुए लौंग का इस्तेमाल दांत दर्द, सिरदर्द और अन्य दर्द से राहत दिलाने के लिए किया जा सकता है। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स डैमेज से बचाने में मदद करते हैं। इससे हृदय रोग और कैंसर जैसी पुरानी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। कच्चे लहसुन की तुलना में भुना लहसुन पेट के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है। यह पाचन एंजाइमों को बढ़ावा देकर बेहतर पाचन और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करता है। इसके सेवन से गठिया जैसी बीमारियों के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है। लहसुन को भूनने से उसके एंटीऑक्सीडेंट गुण बढ़ जाते हैं। लहसुन पेट के कैंसर और कोलोरेक्टल कैंसर सहित कुछ खास तरह के कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।