पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में असम कृषि विपणन बोर्ड (एएसएएमबी) के 612 कर्मचारियों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की घोषणा की गई। शिक्षा मंत्री डॉ. रोनोज पेगु ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार ने मार्केटिंग बोर्ड के 612 कर्मचारियों के लिए वीआरएस प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार वीआरएस के लिए देय राशि से 10 प्रतिशत अधिक भुगतान करेगी। वीआरएस लेने पर 131 संविदा कर्मी को 10 साल से कम काम करने वालों के लिए 5 लाख रुपए, 10 से 15 साल तक नौकरी करने वालों को 7.50 लाख रुपए और 15 साल से ज्यादा नौकरी करने वालों को 6 लाख रुपए मिलेंगे। 16 निश्चित वेतन वाले कर्मचारियों को भी वीआरएस का पैसा मिलेगा। वीआरएस प्रक्रिया 45 दिन के अंदर पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, मंत्री पेगु ने कहा कि बोर्ड को बंद करने का निर्णय अभी नहीं लिया गया है।

वहीं दूसरी ओर कैबिनेट के अन्य फैसलों का जिक्र करते हुए डॉ. पेगु ने कहा कि आपोन घर योजना के तहत ऋण की राशि 15 लाख रुपए से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दी गई है। आपोन घर योजना के तहत सरकारी कर्मचारी अब 30 लाख रुपए तक का ऋण ले सकते हैं। सरकार ऋण पर 1 प्रतिशत ब्याज का भुगतान करेगी। इसकी लागत 155 करोड़ रुपए होगी। मंत्री पेगु ने यह भी कहा कि 2016-17 में शुरू की गई आपोन घर योजना के तहत 37,277 कर्मचारियों ने ऋण लिया। कैबिनेट ने महिला सरकारी कर्मचारियों को बच्चा गोद लेने पर 180 दिन की छुट्टी देने का भी फैसला किया।