बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल और खानपान की खराब आदतों की वजह से आजकल लोगों के बीच थायरॉयड रोग की समस्या आम हो गई है। बता दें, थायरॉयड तितली के आकार का एक ग्लैंड होता है। यह ग्लैंड थ्योरिकसिन नाम का हार्मोन बनाकर शरीर के मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाता है। जिससे बॉडी के सेल्स कंट्रोल रहते हैं। लेकिन थायरॉयड रोग होने पर शरीर में आयोडीन की कमी होने लगती है, जिससे थायरॉयड ग्रंथि में सूजन आ जाती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, शरीर में थायरॉइड हार्मोन के बेहतर बैलेंस के लिए या बेहतर प्रोडक्शन के लिए आयोडीन की काफी जरूरत होती है। ऐसे में आइए जानते हैं थायरॉयड को कंट्रोल रखने के लिए आपको डाइट में शामिल करनी चाहिए कौन सी जरूरी चीजें।

बेरीज- थायराइट को बैलेंस रखने के लिए आयोडीन के साथ सेलेनियम, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन डी की भी जरूरत पड़ती है। जो कई तरह की बेरीज में पाया जाता है।

जलकुंभी- थायरॉयड और घेंघा जैसी बीमारी के लिए जलकुंभी को रामबाण इलाज माना गया है। इसका मीठा और हल्का तीखा स्वाद थायरॉयड हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। बता दें, थायरॉयड रोग के इलाज के लिए जलकुंभी की भस्म और उसके जूस को पीया जा सकता है।

सहजन- थायरॉयड रोगियों के लिए सहजन भी काफी फायदेमंद होता है। बता दें, कई बार सेलेनियम की कमी से भी थायरॉयड रोग हो जाता है। सहजन में पर्याप्त मात्रा में सेलेनियम मौजूद होता है, जो शरीर में इसकी कमी को दूर करता है।

दही- एनएचए के अनुसार, डेयरी प्रोडक्?ट खासतौर पर दही, शरीर में आयोडीन की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकते हैं। एक कप दही लगभग 85एमसीजी आयोडीन की कमी को पूरा कर सकता है। जो डेली इंटेक का 50 प्रतिशत होता है।

अंडा- रोजाना की डाइट में शामिल एक अंडा खाने पर 16 प्रतिशत डेली आयोडीन इंटेक की कमी पूरी हो सकती है। यही वजह है कि थायरॉइट की समस्या को दूर करने वाले सुपर फूड में अंडे का नाम भी शामिल होता है।