नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को बारिश के बाद दिल्लीवासियों को भीषण गर्मी से भले ही राहत मिली, लेकिन सड़कों पर जगह-जगह जलभराव और वर्षाजनित हादसों से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। शुक्रवार को हुई यह बारिश 88 वर्षों में जून में एक दिन में हुई यह सबसे अधिक बारिश है। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत विहार इलाके में एक निर्माणाधीन  

 दीवार के गिर जाने के बाद तीन मजदूरों के उसके नीचे दबे होने की आशंका है। सड़कों पर जलभराव के कारण वाहन जलमग्न हो गए और यातायात बाधित हो गया। कई स्थानों पर पानी लोगों के घरों में घुस गया। हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की छत का एक हिस्सा शुक्रवार को तड़के ढह जाने के बाद यहां से विमानों का संचालन अगले नोटिस तक स्थगित कर दिया गया है। साथ ही सड़कों पर यातायात बाधित होने के कारण कार्यालय, विद्यालय, कॉलेज या अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के जा रहे हजारों यात्री घंटों फंसे रहे।

इस साल मानूसन की पहली भारी बारिश के बाद प्रगति मैदान सहित प्रमुख सुरंगों को बंद करना पड़ा तथा हौज खास, साउथ एक्सटेंशन और मयूर विहार जैसे पॉश इलाकों सहित शहर के कई स्थानों पर मकानों में पानी भर जाने की खबरें मिली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 20 से 30 घंटे में सफदरजंग में मौसम केंद्र 228.1 मिमी, लोधी रोड स्थित मौसम भवन में 192.8 मिमी, रिज में 150.4 मिमी, पालम में 106.6 मिमी और आया नगर में 66.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

विभाग के अनुसार, एक दिन में 124.5 से 244.4 मिमी बारिश को अत्यधिक भारी वर्षा की श्रेणी रखा जाता है। मौसम विभाग ने सुबह बाद में बताया कि मानसून दिल्ली पहुंच गया है। राष्ट्रीय राजधानी में बृहस्पतिवार देर रात तीन बजे से बारिश शुरू हुई थी। हवाई अड्डे के टर्मिनल-एक पर बारिश के कारण उस समय तनाव फैल गया जब सुबह करीब पांच बजे प्रस्थान क्षेत्र में छत का एक हिस्सा ढह जाने से कई लोग फंस गए और एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी अभी पहचान नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि छत और उसे सहारा देने के लिए लगाए गए खंभे (सपोर्ट बीम) भी गिर गए, जिससे टर्मिनल के 'पिक-अप और ड्रॉप' क्षेत्र में खड़ी कार क्षतिग्रस्त हो गईं। 'पिक-अप और ड्रॉप' क्षेत्र वह भाग है जहां यात्रियों को लाने-ले जाने वाले वाहन खड़े होते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में घायल हुए लोगों को हवाई अड्डे के पास स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नागर विमानन मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्सÓ पर एक पोस्ट में कहा कि टर्मिनल-1 से आने-जाने वाली उड़ानों का परिचालन अगले नोटिस तक रोक दिया गया है। उड़ानों के सुचारू संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि वह स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रख रहे हैं। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा कि घटनास्थल पर बचावकर्मी काम कर रहे हैं। साथ ही विमानन कंपनियों को टी1 पर सभी प्रभावित यात्रियों की सहायता करने की सलाह दी गई है।