पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : बस दो या तीन दिन ही बचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 या 9 जून को अपने तीसरे कार्यकाल की शानदार शुरुआत करने जा रहे हैं। इसके मद्देनजर भाजपा गठबंधन के नेताओं ने अभी से ही प्रतिष्ठित केंद्रीय मंत्रालयों के लिए सौदेबाजी शुरू कर दी है। इस बात की भी काफी चर्चा है कि मोदी को 11 सीटें देने वाले असम से केंद्रीय मंत्रालय किसे मिलेंगे। स्वाभाविक रूप से वर्तमान बंदरगाह, जहाजरानी और आयुष मंत्री सर्वानंद सोनोवाल का नाम सबसे आगे है। उल्लेखनीय है कि किरेन रिजीजू के साथ-साथ सर्वानंद सोनोवाल आज देशभर में पूरे नॉर्थ ईस्ट में भाजपा के एक प्रमुख चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यालय में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और आयुष मंत्री के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सोनोवाल को उसी विभाग में कैबिनेट मंत्री के रूप में बहाल किए जाने की उम्मीद है और इसका संकेत पहले ही दिया जा चुका है। सोनोवाल के अलावा इस बार सिलचर से सांसद परिमल शुक्लवैद्य को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। भाजपा के वरिष्ठ सूत्रों ने कहा कि शुक्लाबैद्य को आपात स्थिति में दिल्ली बुलाया गया है। उन्हें कल तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने के लिए कहा गया है। भाजपा आलाकमान के आमंत्रण पर शुक्लवैद्य बुधवार ट्रेन से सिलचर से गुवाहाटी आए हैं। वे गुरुवार अपराह्न 2 बजे गुवाहाटी से नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बराक घाटी की दोनों सीटें जीतने के इनाम के तौर पर और भाजपा के पुराने चेहरे और आरएसएस के खास अच्छे किताबी शख्स के तौर पर परिमल शुक्लवैद्य को एक मंत्रालय देने पर विचार कर रहा है। क्योंकि भाजपा नेतृत्व परिमल शुक्लवैद्य जैसे पुराने भाजपा नेता को उचित सम्मान देकर असम में नई और पुरानी भाजपा के बीच अनावश्यक टकराव को खत्म करना चाहता है। हालांकि, रामेश्वर तेली की जगह पर चाय समुदाय के नेता के रूप में काजीरंगा के सांसद कामाख्या प्रसाद तासा का नाम भी सामने आया है।
सोनोवाल के साथ शुक्लवैद्य को मिल सकता है मंत्री पद