लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण आज शनिवार को समाप्त हो गया, जिन-जिन राज्यों में आज चुनाव संपन्न हुए, वहां के लोग गर्मी से बदहाल दिखे और चुनाव की पूर्व संध्या पर सिर्फ बिहार और यूपी में करीब तीन  दर्जन मतदानकर्मियों की मौत साबित करती है कि चुनाव आयोग ने अपने कर्मचारियों को गर्मी से बचाने की कोई खास कोशिश नहीं की थी,परिणामतः करीब 33-34 मतदानकर्मियों को मौत की नींद सोने को बाध्य होना पड़ा। उल्लेखनीय है कि सातवें चरण की चर्चित सीटों में वाराणसी सीट भी है जहां नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के अजय राय तीसरी बार आमने-सामने हैं।  इनके अलावा आज जिन चर्चित सीटों पर नजर है उनमें हिमाचल की मंडी सीट से विक्रमादित्य सिंह और कंगना रनौत, डायमंड हार्बर से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी, पाटलिपुत्र सीट से राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार और लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और बिहार की ही काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे भोजपुरी गायक पवन सिंह शामिल हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण के मतदान में आखिरी 57 सीटों के लिए वोट डाले गए, जिन राज्यों की संसदीय सीटों पर आज मतदान हुए , उनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब की 13-13, पश्चिम बंगाल की 9, बिहार की 8, ओडिशा की 6, हिमाचल प्रदेश की 4, झारखंड की 3 और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की इकलौती सीट शामिल है। इसके अलावा ओडिशा विधानसभा की 42 सीटों पर भी मतदान हुआ। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की भी घटनाएं हुई हैं। भीड़ ने रिजर्व इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और कागजों को लूटा और वीवीपैट मशीनों को एक तालाब में फेंक दिया। प्रचंड गर्मी के कारण चुनाव प्रक्रिया में शामिल कई कर्मियों के मरने की भी खबरें आई हैं। 31 मई को हीटवेव के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा में चुनावकर्मियों समेत कम-से-कम 33 लोगों के मरने की खबर है।  गर्मी से जुड़ी वजहों से अकेले उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में 13 चुनावकर्मियों की मौत हो गई। मिर्जापुर जिला प्रशासन ने बयान जारी कर बताया कि मौत की ठीक-ठीक वजह का पता अटॉप्सी के बाद ही चल पाएगा, लेकिन आशंका है कि इलाके में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की तबीयत बिगड़ी। रायबरेली और सोनभद्र से भी पोलिंग स्टाफ के मरने की खबरें आ रही हैं, वहीं, 30 मई को भी बिहार में गर्मी के कारण 14 लोगों की मौत हुई इनमें चुनाव की ड्यूटी पर तैनात 10 कर्मचारी भी शामिल हैं। गर्मी के कारण मतदाताओं और चुनावकर्मियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। मतदान के प्रतिशत में आई कमी को जानकार औसत से अधिक तापमान से भी जोड़कर देख रहे हैं। गर्मी के कारण चुनाव अभियान भी प्रभावित हुआ। अप्रैल में एक चुनावी रैली के दौरान नितिन गडकरी बेहोश हो गए। उन्होंने गर्मी को तबीयत खराब होने की वजह बताया। इस गर्म मौसम में लंबे मतदान कार्यक्रम के लिए चुनाव आयोग की आलोचना भी हो रही है। हालांकि, आयोग इस पर अपना बचाव कर रहा है। आयोग ने एक बयान में कहा कि गर्म मौसमी स्थितियों के बावजूद बड़ी संख्या में मतदाता पोलिंग स्टेशनों पर पहुंचे।  हीटवेव से बचने के लिए कई जगहों पर मतदाता सुबह के वक्त ही पंक्ति में खड़े दिखे। हीटवेव से बचने के लिए कई जगहों पर मतदाता सुबह के वक्त ही पंक्ति में खड़े दिखे। लोकसभा चुनाव 2024 में गर्मी के मद्देनजर इलेक्शन कमीशन ने कई जगहों पर सुबह 8 बजे की जगह 7 बजे से ही मतदान शुरू करवाया। वाराणसी में दोपहर के समय तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिसका असर वोटिंग पर पड़ा। कुल मिलाकर कहा कि इस बार भीषण गर्मी के बीच चुनाव हुआ, जो काफी प्रभावशाली साबित हुआ।