पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : एपीएससी भर्ती घोटाला मामले की सुनवाई को लंबा खींचने की कोशिश में कुख्यात राकेश पाल को सुप्रीम कोर्ट में भी हार का सामना करना पड़ा। लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष और एपीएससी भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी राकेश पाल ने गौहाटी उच्च न्यायालय के दो फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पाल की याचिकाएं खारिज कर दी। गौरतलब है कि राकेश पाल ने पहले कृषि विकास अधिकारी भर्ती घोटाला मामले में अपने बचाव में समर्थन के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय में अपील की थी। राकेश पाल ने कृषि विकास अधिकारियों के चयन से संबंधित आयोग के दस्तावेजों, वादी की ओर से एपीएससी का प्रतिनिधित्व करने वाले  आयोग के अधिकारियों के विवरण और उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच करने की भी मांग की थी। उसी प्रकार एक अन्य मामले में, पाल ने 26 सितंबर, 2022 से 27 मार्च 2023 तक मुकदमे के दौरान अपने वकीलों के साथ चर्चा करने के लिए अदालत परिसर में अलग बुनियादी ढांचे के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन किया था। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने 3 मई को दोनों मामले खारिज कर दिए थे। हाई कोर्ट के उक्त निर्णय के खिलाफ अपील करते हुए राकेश पाल ने फिर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी-7357/2024 और एसएलपी-7524/2024 नंबर के तहत केस दायर किया था। सोमवार को न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की खंडपीठ ने मामलों की सुनवाई की। सरकारी वकील ने दोनों मामलों की सुनवाई के दौरान राकेश पाल द्वारा मामले की सुनवाई को लंबित करने की कोशिश में ऐसा आवेदन दायर करने का तर्क दिया। अधिवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही पाल द्वारा इसी तरह के आरोप लगाते हुए दायर एक याचिका को पहले ही खारिज कर चुका है। सरकारी वकील की दलीलों से सहमत होकर सुप्रीम कोर्ट ने राकेश पाल की दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं।