पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : सरकार ने पिछले 8 महीने में दो बार शराब की कीमत में बढ़ोतरी की है। लेकिन इसके बावजूद सरकारी खजाने में उम्मीद के मुताबिक राजस्व नहीं आया है। मूल्य वृद्धि के बावजूद आबकारी शुल्क उम्मीद के अनुरूप नहीं होने से दिसपुर में काफी तनाव है। राज्य में शराब की बिक्री और राजस्व कैसे बढ़ाया जाए, इस पर आबकारी विभाग चर्चा में लगा हुआ है। आबकारी शुल्क आयुक्त जीतू दलै और उपायुक्त प्रांजल बोरा ने मुख्यमंत्री की गुडबुक में जगह पाने के लिए शराब की कीमत में बार-बार बढ़ोतरी की है। राज्य सरकार ने 2024-25 में उत्पाद शुल्क राजस्व में 5,000 करोड़ रुपए इकट्ठा करने की योजना बनाई है और दोनों अधिकारियों ने शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए शराब की दुकानों और बार मालिकों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने में संकोच नहीं किया है। दोनों आबकारी अधिकारियों ने शराब बिक्री के लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहने पर दुकान मालिकों के लाइसेंस रद्द करने की भी धमकी दी है। जिस समय शराब ने युवाओं को अपंग बना दिया है, शराबी बच्चों द्वारा माता-पिता की हत्या कर दी गई है, कई लोगों के घर नष्ट हो गए हैं, उसी समय सरकार राजकोष को मजबूत करने के लिए गांव-गांव में शराब उपलब्ध करा रही है। सरकार ने सालाना 5,000 करोड़ रुपए राजस्व जुटाने की योजना के तहत शराब की कीमत में बढ़ोतरी की है जिसके परिणाम स्वरूप शराबियों को देसी शराब या सुलाई पीने के लिए मजबूर मजबूर होना पड़ा है। राज्य में पिछले वर्ष अप्रैल 2023 की तुलना में अप्रैल 2024 में घरेलू शराब की बिक्री 21.11 प्रतिशत बढ़ी। इस अवधि के दौरान गुवाहाटी में देसी शराब की बिक्री में 54.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसी तरह राज्य के अन्य हिस्सों में भी देसी शराब की बिक्री बढ़ रही है। इससे उत्साहित होकर आबकारी विभाग ने शराब की दुकानों के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 24.3 करोड़ लीटर देसी शराब बेचने का लक्ष्य रखा है। उत्पाद विभाग ने पिछले साल की तुलना में इस साल विदेशी शराब की 1.61 करोड़ पेटी और बीयर की 1. 22 लाख पेटी बेचने का लक्ष्य रखा है। इसके समानान्तर दिसपुर ने देसी शराब की बिक्री बढ़ाकर भी राजस्व संग्रह करने की योजना बनाई है। राज्य में शराब की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। जिन लोगों की जिंदगी शराब के कारण बर्बाद हो गई है, उन्हें इस खबर से उम्मीद की रोशनी नजर आ रही है। लेकिन इसके विपरीत दिसपुर ने जिलों में शराब की बिक्री बढ़ाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने गुवाहाटी में प्रत्येक शराब की दुकान पर प्रति माह 4,500 लीटर विदेशी शराब और 3,310 लीटर बीयर बेचने का लक्ष्य रखा है।
दिसपुर का शराबियों से 5,000 करोड़ राजस्व वसूलने का लक्ष्य
