गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि आज मैंने सेम पित्रोदा का बयान सुना। हालाकि वे किस तरह के व्यक्ति है यह तो मैं नही जानता, जिसमें वे कह रहे हैं कि नॉर्थ ईस्ट (पूर्वोत्तर भारत) के लोगों का चेहरा चीन के लोगों जैसा है तो आज मैंने खुद को आईने में देखा तो मुझे तो लगा कि मैं असमीया और भारतीय जैसा ही दिख रहा हूं। किसी भी तरह से खुद चीनी लोगों की तरह होने का अनुभव नही हुआ। पता नहीं उस व्यक्ति की क्या धारणा है जो कुछ भी उन्होंने अपने बयान में पूर्वोत्तर भारत के लोगों के बारे में चीनी लोगों की तरह दिखने की तुलना करके देशवासियों को क्या बताना चाहता हैं? यह एक आपत्तिजनक बयान है। हमें दुख देने वाला बयान है और चीनी लोगों के साथ हमारी बराबरी करके वे क्या प्रमाणित करना चाहते हैं।लेकिन एक बात जरूर है कि राहुल गांधी के आस पास दायरे में जो भी लोग रहते हैं उनका नॉर्थ ईस्ट (पूर्वोत्तर भारत) के प्रति जो नजरिया है वो बिल्कुल गलत है।  वे हमेशा पूर्वोत्तर के लोगों की निंदा करते हैं ।

कभी कहते हैं कि ये चीनी की तरह दिखते हैं कभी कहते की क्या यह भारत का अंग है? इस तरह हर समय राहुल गांधी और उनके दायरे में रहने वाले जो लोग है। वे पूर्वोत्तर का अपमान करते ही रहते हैं और यह जो सेम पित्रोदा का बयान है यह काफी शर्मनाक है। इसकी कड़ी से कड़ी निन्दा की जानी चाहिए। और उन्हें यह शोभा भी नही देती। मैं संवाद माध्यम के जरिए सेम पित्रोदा को कहना चाहूंगा कि आप कभी पूर्वोत्तर भारत में आए है या नही मैं नही जानता। मगर पूर्वोत्तर भारत के लोग गर्वित भारतीय है और मैं गर्व से कहता हूं कि मैं एक असमिया हूं और चाहे वो मणिपुर के हो नागालैंड के हो सभी गर्व से कहते हैं कि वे भारतीय है। साथ ही कहना चाहूंगा कि वे कभी भी हमारी राष्ट्रीयता को या राष्ट्र भक्ति को चुनौती देने की कोशिश ना करें। साथ मुख्यमंत्री ने एक दशक पहले उत्तर भारत में पूर्वोत्तर भारत के लोगों के प्रति रही धारणा पर भी स्पष्ट करते हुए कहा कि इस तरह की घटना आज से दस साल पहले की कहानी रही थी जो उस जमाने में सुनने में आती थी। लेकिन अब हम उस परिस्थिति से बाहर निकल आए हैं।

पिछले दस सालों में जो मोदी जी का प्रयास रहा पूर्वोत्तर भारत को प्रमुखता देने से सफल हुई है। आजकल तो भेदभाव किए जाने जैसी कोई घटना नही दिखती। लेकिन भेदभाव की नीति सेम पित्रोदा और राहुल गांधी करेंगे तब तो पूरे देश में यह धारणा अधिक फैलेगी। पिछले दशक की इस तरह की चुनौतियों को खत्म किया। लोगों को समझ आ गई कि पूर्वोत्तर भारत देश का अभिन्न अंग था और है। यहां कोई भी चीनी लोगों की तरह नही दिखता हमारी एक अपनी पहचान है। जिस तरह तमिलनाडु के लोगों की अपनी पहचान है। उसी तरह उत्तर भारत के लोगों की अपनी अलग पहचान है। लेकिन यह सभी प्रकृत रूप से भारतीय है और यह सभी भारतीयों की पहचान है। यही वो बारीकियां है जिसे सेम पित्रोदा नही समझते जो राहुल गांधी के सबसे करीबी सलाहकार है तो बाकी लोगों को समझ में नही आना तो स्वाभाविक बात होगी।