मुरैना : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1984 में उनकी मां इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति को सरकार के पास जाने से बचाने के लिए विरासत कर को समाप्त कर दिया था। मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब इस कर प्रावधान को फिर से लागू करना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक मोदी ने कांग्रेस पर धन पुनर्वितरण और विरासत कर को लेकर अपना हमला तेज कर दिया और लोगों को 'लूटने' की कांग्रेस की योजनाओं से बचाने की कसम खाई। मध्य प्रदेश के मुरैना में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कांग्रेस पर धर्म के आधार पर विभाजन स्वीकार करके 'देश के हाथ काटने' का आरोप लगाया। मुरैना में सात मई को मतदान होना है। मोदी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपनी मां इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद उनकी संपत्ति को सरकार के पास जाने से बचाने के लिए 1985 में विरासत कर को समाप्त कर दिया था। यह विरासत में मिली चल और अचल संपत्ति पर लगाया जाने वाला एक कर था।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने जो पाप किए हैं, उनके बारे में कान खोलकर सुनो। मैं एक दिलचस्प तथ्य सामने रखना चाहता हूं। जब बहन इंदिरा गांधी का निधन हुआ, तो एक कानून था जिसके तहत आधी संपत्ति सरकार को जाती थी। उस समय ऐसी चर्चाएं थीं कि इंदिराजी ने अपनी संपत्ति अपने बेटे राजीव गांधी के नाम कर दी थी। भाजपा के दिग्गज नेता ने दावा किया कि कि सरकार को जाने वाले पैसे को बचाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने विरासत कर को खत्म कर दिया था। इस मुद्दे पर अमेरिका में रह रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा द्वारा की गई विवादास्पद टिप्पणी पर निशाना साधते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो 'विरासत कर' के जरिए लोगों की उनके पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई आधी से ज्यादा संपत्ति छीन लेगी। राहुल गांधी ने बुधवार को टिप्पणी की थी कि जो लोग खुद को 'देशभक्त' कहते हैं, वे जाति जनगणना के 'एक्स-रे' से डरते हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस लोगों की संपत्तियों और कीमती सामानों का 'एक्स-रे' कराकर उनके आभूषण और छोटी बचत को जब्त करना चाहती है। उन्होंने धन पुनर्वितरण के मुद्दे पर विवाद के बीच कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी के 'शहजादा' (राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए) के एक सलाहकार ने अब विरासत कर लगाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब विरासत कर को वापस लाना चाहती है, क्योंकि उसकी चार पीढ़ियों ने उन्हें दी गई संपत्ति का लाभ उठाया है। प्रधानमंत्री ने जनसभा में मौजूद लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जब तक भाजपा है, वह ऐसे मंसूबों को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और कठिनाइयां सहकर आपने जो धन इका किया है, वह कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार बनने पर आपसे लूट ली जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी अपनी 56 इंच की छाती के साथ आपके और कांग्रेस की आपको लूटने की योजना के बीच दीवार बनकर खड़ा है। यही वजह है कि कांग्रेस नेता और विपक्ष मुझे इतनी गालियां देते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर धार्मिक आधार पर देश का विभाजन स्वीकार करने का आरोप लगाया और कहा कि मां भारती के हाथ खोलने की बजाय, कांग्रेस ने उनके हाथ काट दिए और देश को बांट दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने मुस्लिम वोट बैंक की खातिर एससी/एसटी/ओबीसी और दलितों का आरक्षण छीनना चाहती है। वह लोगों का भविष्य खराब करके धार्मिक तुष्टिकरण के जरिए सत्ता हथियाने पर आमादा है।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है जबकि मैं कह रहा हूं कि इस पर पहला हक गरीबों का है। खुद को 'कामदार' और राहुल गांधी को 'नामदार' (वंशवादी) बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल, कांग्रेस के 'शहजादा' (राहुल गांधी) मोदी को गाली देने का आनंद ले रहे हैं। हम यहां 'नामदारों' से गालियां सुनने के लिए हैं लेकिन मैं लोगों और 'मां भारती' की सेवा करना जारी रखूंगा। उन्होंने कहा कि वर्षों तक कांग्रेस ने सशस्त्र बलों के लिए 'वन रैंक वन पेंशन' योजना की अनुमति नहीं दी, लेकिन 'हमने यह किया'। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कई वर्षों से आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को उनके अधिकारों से वंचित करने की साजिश रच रही है।
उन्होंने लोगों से मौजूदा चुनाव में कांग्रेस की हार का आह्वान किया और सवाल किया,''क्या आप पिछड़े वर्गों के अधिकारों को छीनने वालों का सफाया सुनिश्चित करेंगे? मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिना किसी धार्मिक भेदभाव के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मुहैया कराया। उन्होंने कहा कि क्या आपने कभी सुना है कि किसी को सिर्फ इसलिए मुफ्त राशन नहीं मिल रहा है क्योंकि वह मुस्लिम है? प्रधानमंत्री ने कहा कि जब संविधान का मसौदा तैयार किया गया था तब यह तय किया गया था कि देश की एकता और अखंडता के लिए धार्मिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा। मोदी ने दावा किया कि संविधान के मुख्य निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर धार्मिक आधार पर आरक्षण के खिलाफ थे, लेकिन कांग्रेस ने इसे पिछले दरवाजे से दिया और उनकी पीठ में ''छुरा घोंप" दिया। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि उसने कर्नाटक में कई मुसलमानों को अवैध रूप से ओबीसी सूची में डाल दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने रातों-रात उन्हें ओबीसी घोषित करने और उन्हें शिक्षा व सरकारी नौकरियों में गोपनीय तरीके से आरक्षण देने के लिए दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए।