पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता गुवाहाटी : चुनाव के बहाने व्यापारियों द्वारा आलू की कीमत बढ़ा दी गई है। सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों द्वारा चुनावी वादों से लोगों को प्रलोभन देने के बीच आलू की खुदरा कीमत 40 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश से आयातित आलू की खुदरा कीमत महज एक हफ्ते में 10 रुपए प्रति किलो बढ़ गई है। गुवाहाटी के खुदरा बाजार में पश्चिम बंगाल का आलू 30 रुपए प्रति किलो की दर पर मिल रही है,जबकि उत्तर प्रदेश का आलू 35-40 रुपए प्रति किलो बिक रहा है।
हालांकि, खुदरा बाजार में आलू की कीमत साप्ताहिक अंतराल पर 7-10 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ी है, जबकि थोक बाजार में आलू की कीमत पिछले सप्ताह में 2 रुपए प्रति किलोग्राम बढ़ी है। फैंसी बाजार के थोक विक्रेताओं ने कहा कि रविवार को पश्चिम बंगाल का आलू 19-20 रुपए प्रति किलोग्राम और उत्तर प्रदेश का आलू 23-24 रुपए प्रति किलोग्राम बिक रहा है। फैंसी बाजार में थोक विक्रेताओं के आंकड़े एक बात की पुष्टि करते हैं कि राज्य आपूर्ति विभाग की लापरवाही का फायदा उठाकर व्यापारी आलू की कीमत बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, फैंसी बाजार के थोक विक्रेता सूत्रों ने बताया कि उत्पादन क्षेत्र में आलू की कोई कमी नहीं है, लेकिन चुनाव के दौरान व्यापारियों को राजनीतिक दलों को चंदा देना पड़ा, जिसके कारण आलू की कीमत में वृद्धि हुई है। कुछ संगठनों द्वारा बिहू उत्सव के नाम पर व्यापारियों से जबरन चंदा वसूलने के कारण असम में आलू सहित दैनिक आवश्यकताओं की कीमतों में भी मामूली वृद्धि हुई है।
आलू के साथ-साथ पश्चिम बंगाल का प्याज 16-17 रुपए प्रति किलो और महाराष्ट्र के नासिक का प्याज 23-24 रुपए प्रति किलो गुवाहाटी के थोक बाजार में बिक रहा है। लेकिन जिस प्याज की कीमत खुदरा बाजार में 16-17 रुपए प्रति किलो थी, वह आज 30 रुपए प्रति किलो बिक रही है।